संवाद न्यूज एजेंसी
पीलीभीत। शहर के नकटादाना चौराहे के पास केजीएन टू कॉलोनी में खकरा नदी की जद में निर्माणाधीन मकान पर बुलडोजर चलाए जाने के बाद प्रशासन ने अब पूरी कॉलोनी में नदी किनारे हुई प्लाॅटिंग की जांच कराने का निर्णय लिया है।
सिटी मजिस्ट्रेट ने कॉलोनाइजर सपा महासचिव नफीस अंसारी को नोटिस जारी कर प्लाॅटिंग और जमीन से संबंधित स्थिति स्पष्ट करने को कहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में नदी की सीमा में अवैध प्लाॅटिंग या निर्माण मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, ध्वस्त किए गए मकान के स्वामी को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई कराने के लिए भी कॉलोनाइजर को निर्देश दिए हैं।
शुक्रवार को विनियमित क्षेत्र और नगर पालिका की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में केजीएन टू कॉलोनी में खकरा नदी किनारे बन रहे जियाउद्दीन के मकान को बुलडोजर से ढहा दिया था। जियाउद्दीन का कहना था कि उसने जून में करीब साढ़े नौ लाख रुपये में 132 गज का प्लाॅट खरीदा था। रजिस्ट्री कराने के बाद मकान बनाने के लिए बैंक से करीब दो लाख रुपये का लोन लिया और परिचितों से भी कर्ज लेकर निर्माण शुरू कराया था। कार्रवाई के समय मकान पर लिंटर पड़ना बाकी था।
मकान ध्वस्त होने के बाद मामला सामने आने पर प्रशासन ने अब केवल एक मकान तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय नदी किनारे की पूरी पट्टी की जांच कराने का निर्णय लिया है।
इससे अन्य प्लॉट मालिकों में चिंता बढ़ गई है। अधिकारियों के मुताबिक जांच में यह देखा जाएगा कि नदी की सीमा में कितने प्लाॅट काटे गए, किन स्थानों पर निर्माण हुए और किस स्तर पर नियमों की अनदेखी की गई।