बरेली। यात्रियों को आरामदायक सफर की सुविधा मुहैया कराने के लिए रोडवेज ने शिकायत करने की सुविधा दे रखी है। इसके लिए बसों में अधिकारियों के मोबाइल नंबर भी लिखवाए गए, लेकिन ज्यादातर चालक-परिचालकों ने या तो नंबरों का साइन बोर्ड बसों से हटा दिया है या फिर 10 नंबर की डिजिट में एक नंबर खुरच दिया है। रोडवेज की अनदेखी के कारण यात्री के लिए शिकायत करना भी आसान नहीं है।
रीजन में बरेली, रुहेलखंड, बदायूं और पीलीभीत डिपो हैं। 20 और 21 जुलाई को प्रमुख सचिव परिवहन एल वेंकटेश्वर लू बरेली दौरे पर थे। उन्होंने औपचारिकता के लिए रुहेलखंड डिपो के सेटेलाइट बस अड्डा का निरीक्षण भी किया, लेकिन अधिकारी अव्यवस्थाओं पर पर्दा डालने में कामयाब हो गए। प्रमुख सचिव के बाद बुधवार को जीएम टेक्निकल और बरेली रीजन के नोडल अधिकारी श्याम बाबू ने भी औचक निरीक्षण किया। बदइंतजामियों पर उनका ध्यान भी नहीं गया।
रीजन की बसों में यात्रियों की सुविधा के लिए आरएम, एसएम और एआरएम के नंबरों की चस्पा की गई लिस्ट भी गायब हो चुकी है। नए सीयूजी नंबरों के प्रसार-प्रचार के लिए निगम ने बजट भी खर्च किया था। अधिकारियों के बेपरवाह होने के कारण यात्रियों को चार महीने बाद भी इसका लाभ मिलना शुरू नहीं हुआ है।
सीयूजी नंबर बदलने के बाद बेपटरी हुई निगम की व्यवस्था
- परिवहन निगम रोडवेज के तत्कालीन एमडी संजय कुमार के समय में व्यवस्थाएं बेपटरी हुईं। उनके आदेश पर मार्च 2023 के अंतिम सप्ताह में निगम अधिकारियों के वर्षों से चल रहे सीयूजी नंबर बदल दिए गए। अप्रैल 2023 के अंतिम सप्ताह रोडवेज की वेबसाइट पर साइबर अटैक हो गया। कई दिनों तक ऑनलाइन सेवाएं ठप और बसों का संचालन डगमगाया रहा। एसी बसों में ऑनलाइन टिकट बुक कराने वाले सैकड़ों यात्रियों का रिफंड अब तक वापस नहीं हो सका है। 12 मई को यात्रियों से भरी बरेली डिपो की एसी बस में आग लग गई। निगम को इससे करीब 70 लाख की क्षति हुई। कई अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के साथ एमडी संजय कुमार को भी हटा दिया गया। उनके स्थान पर मासूम अली सरबर को चार्ज दिया गया। नए एमडी के आने के बाद भी अब तक व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ है।
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वर्जन-
व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। जहां भी कमियां हैं उनको दूर किया जा रहा है। यात्री सुविधाओं और सेवाओं की अनदेखी करने वाले अधिकारियों को भी चिह्नित किया जा रहा है। बुधवार को ही बैठक के दौरान रीजन के अधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं। - श्याम बाबू, जीएम टेक्नीकल/नोडल अधिकारी बरेली रीजन