हाईवे के लिए किसानों को दिए 548 करोड़
बरेली-सितारगंज हाईवे के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले 733 करोड़ रुपये भू-स्वामियों को दिए जाने थे, लेकिन तीन साल सात महीने बीतने के बाद भी पूरा वितरण नहीं हुआ। हाईवे का पहला पैकेज बरेली से पीलीभीत और दूसरा सितारगंज तक है। पहले पैकेज में 95 प्रतिशत और दूसरे पैकेज में 75 फीसदी जमीन पर निर्माण एजेंसी को कब्जा मिला है। दोनों पैकेज 733 करोड़ रुपये मुआवजा दिया जाना है। अभी तक 548 करोड़ रुपये ही दिया गया। दोनों पैकेज के लिए एक ही फर्म को ठेका मिला है लेकिन दूसरे पैकेज में अधिग्रहण न होने के कारण निर्माण छह महीने देरी से शुरू हुआ।
ग्रेटर बरेली के लिए 34 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण
रामगंगा नगर के करीब 238 हेक्टेयर में बसाई जा रही ग्रेटर बरेली आवासीय परियोजना की 34 हेक्टेयर भूमि की अधिग्रहण प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई। अनिवार्य अधिग्रहण के लिए चिह्नित भूमि के बदले 178 करोड़ रुपये बीडीए ने विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी के पास भेजे हैं। विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी ने अधिसूचना जारी करते हुए 28 फरवरी तक आपत्तियां मांगी थीं। अब आपत्तियों का निस्तारण होना है। जब तक 34 हेक्टेयर जमीन पर कब्जा नहीं मिल जाता, तब तक स्थल विकास अधर में रहेगा। इसके लिए 2024 में भूखंड आवंटित हुए थे।
चकबंदी में अटकी, धरातल पर नहीं उतरी इंडस्ट्रियल टाउनशिप
परसाखेड़ा के निकट रहपुरा जागीर गांव की 113 हेक्टेयर जमीन इंडस्ट्रियल टाउनशिप के लिए बीडीए ने चिह्नित की लेकिन गांव में चकबंदी चल रही है। चकबंदी के 90 मुकदमे चल रहे हैं। अदालत के निर्णय से संतुष्ट न होने पर खेत मालिक एसओसी की अदालत में जा सकते हैं। जून तक परियोजना भी अटकी रहेगी। बीडीए के उपाध्यक्ष मनिकंडन ए ने चकबंदी प्रक्रिया को यथाशीघ्र कराने के लिए डीएम से आग्रह किया है। क्योंकि उद्यमी भूखंडों का इंतजार कर रहे हैं। इसका डिमांड सर्वे सितंबर 2024 में हुआ था। इसके 750 उद्यमियों ने भूखंड मांगे। अधिग्रहण शुरू न होने की वजह से स्पष्ट नहीं है कि धरातल पर कब उतरेगी।
कब क्या हुआ
बरेली-सितारगंज हाईवे
- मार्च 2021 में मिली थी चौड़ीकरण को मंजूरी।
- जुलाई से सितंबर 2021 तक हुई अधिग्रहण की अधिसूचना।
- 14 मार्च 2024 को निर्माण शुरू 13 मार्च 2026 काम होना है पूरा।
रिंग रोड
- परियोजना को 2019 में सैद्धांतिक स्वीकृति मिली।
- 9 जून 2021 को अधिग्रहण की अधिसूचना हुई।
- 2024 में मुआवजे के 22 गांवों का अवार्ड हुआ।
- जनवरी 2025 में 2117 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति।
रिंग रोड के लिए जिन गांवों के अवार्ड हो चुके हैं, उनके भू-स्वामियों को मुआवजा देने की प्रक्रिया शुरू कराई है। गांवों में लेखपाल भेज कर प्रपत्र लिए जा रहे हैं ताकि पोर्टल के माध्यम से धनराशि भू-स्वामियों के खाते में भेजी जा सके। सितारगंज हाईवे में बरेली जिले से संबंधित अधिकतर भू-स्वामियों को मुआवजा दिया जा चुका है। जो मामले रह गए हैं, उनकी प्रक्रिया पूरी कराई जा रही है। -रामजनम यादव, विशेष भूमि अध्याप्ति अधिकारी
परियोजना को समय पर पूरा करने के लिए अधिग्रहण और कब्जा मिलना जरूरी है। रिंग रोड और बरेली सितारगंज हाईवे के अधिग्रहण संबंधी मामलों को लेकर एनएचएआई ने भूमि अध्याप्ति अधिकारी से संपर्क बनाए हुए है। उम्मीद है कि अब अधिग्रहण को रफ्तार मिलेगी। -प्रशांत दुबे, परियोजना निदेशक, एनएचएआई