बरेली। अस्तित्वहीन फर्म ने कागजों पर फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये के माल का क्रय-विक्रय दिखाकर कर चोरी कर ली। बरेली राज्य खंड-एक के सहायक आयुक्त अभिषेक शुक्ल ने साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
सहायक आयुक्त ने साइबर थाने के इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय को बताया कि तिरुपतिधाम कॉलोनी के पते पर प्रमोद चौधरी ने मैसर्स पीसी इंटरप्राइजेज नाम की फर्म पंजीकृत कराई थी। जब फर्म के पते की जांच की गई तो पता चला कि वहां कोई फर्म अस्तित्व में नहीं थी।
फर्म द्वारा जीएसटी पंजीकरण आईटीसी पासऑन करने के लिए किया गया था। फर्म ने बिना किसी माल की खरीद किए बिक्री कर दी जो संभव नहीं है। फर्म की ओर से दाखिल रिटर्न की जांच में पता चला कि 2024-25 में तीन फर्म को आउटवर्ड सप्लाई प्रदर्शित करते हुए 5990388 रुपये का कर दायित्व स्वीकार किया।
पता लगा कि 5990388 रुपये के कर दायित्व का भुगतान करने के लिए व्यापारी ने इनवर्ड सप्लाई प्राप्त किए बिना जीएसटीआर 3 बी के माध्यम से बोगस तरीके से आईटीसी क्लेम कर स्वीकृत कर को समायोजित किया, जबकि व्यापारी ने वास्तविक खरीद ही नहीं की थी। पीसी इंटरप्राइजेज ने 2024-25 में तीन फर्म से कुल 38135917 रुपये की इनवर्ड सप्लाई खरीद पर कुल 6864465 रुपये की आईटीसी का क्लेम लाभ लिया।
थाना प्रभारी धनंजय पांडेय ने बताया कि फर्म मालिक प्रमोद चौधरी के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मामले की छानबीन की जा रही है।