ये है मामला
मार्च 2010 में ट्रस्ट को प्रदेश के 17 जिलों में दिव्यांगों को उपकरण वितरित करने के लिए केंद्र सरकार से 71.50 लाख रुपये का अनुदान मिला था। ट्रस्ट के इन दोनों पदाधिकारियों पर गबन का आरोप लगा था और इस मामले में 17 जिलों में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जांच में पाया गया कि उपकरण वितरित करने के लिए यहां कोई कैंप लगा ही नहीं, तब भोजीपुरा थाने में मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के बाद इन लोगों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किया गया है।