श्रमजीवी और लखनऊ मेल में नो रूम की स्थिति
बरेली। रक्षा बंधन पर शहर से बाहर जाने वाली महिलाओं का सफर आसान नहीं होगा। रेलवे ने दिन में जंक्शन से गुजरने वाली ज्यादातर ट्रेन रद्द कर रखी है। शाम को एक मात्र ट्रेन नई दिल्ली राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस है। जबकि शाम को ज्यादातर महिलाओं का घर लौटने का समय है। ऐसे में उन्हें केवल रोडवेज बस का ही सहारा बचा है। कोरोना संक्रमण के चलते ज्यादातर महिलाओं को राखियों को पोस्ट कर दिया है।
रक्षा बंधन तीन अगस्त का है। जंक्शन केवल 16 ट्रेनें गुजर रही हैं जो ज्यादातर रात में है। सभी ट्रेनों में रिजर्वेशन फुल हो चुके हैं। किसी भी ट्रेन में तिल रखने की जगह नहीं है। ऐसे में दूसरे शहरों में जाने वाली महिलाओं के सामने मुसीबत ही रहेगी। अभी तक दिन ज्यादातर महिलाएं त्रिवेणी और राज्यरानी एक्सप्रेस से अन्य शहरों में भाइयों को राखी बांधने जाती थी। कोरोना संक्रमण के चलते रेलने ने 22 मार्च से सभी ट्रेनों का संचालन बंद रखा है। एक जून से दो ट्रेनें चलाई जिनमें केवल 16 ट्रेनें जंक्शन से गुजर रही है। उनके भी रिजर्वेशन नहीं है। अभी तक सबसे ज्यादा वेटिंग लिस्ट नई दिल्ली-राजगीर श्रमजीवी एक्सप्रेस में है, लेकिन एक अगस्त से इनमें भी नो रूम की स्थिति है। शहीद एक्सप्रेस में भी नो रूम की स्थिति है। इसके अलावा महामना एक्सप्रेस में तीस, सत्याग्रह एक्सप्रेस में 45, लखनऊ मेल में 40, दुर्गियाना एक्सप्रेस में पचास वेटिंग है। चार अगस्त तक यही स्थिति है। सोशल डिस्टेसिंग के चलते रेलवे ने वेटिंग टिकट के यात्रियों पर ट्रेन में यात्रा करने पर रोक लगा दी है। सूत्रों का कहना है कि चेकिंग स्टाफ तीन अगस्त को वेटिंग टिकट वालों को जंक्शन पर प्लेटफार्म पर एंट्री नहीं देगा।