बरेली। कोरोना संक्रमणकाल में ऑक्सीजन की डिमांड बढ़ी तो इसके दाम भी बढ़ गए। मरीज को जिंदगी देने वाली ऑक्सीजन को लेकर ऐसा पेंच फंसा कि आज शुरू होने वाले कोविड अस्पताल का उद्घाटन फिलहाल टल गया। दरअसल, जिस दाम पर सरकारी तंत्र ऑक्सीजन सिलेंडर खरीदना चाहता है, उतने में कोई सप्लायर ऑक्सीजन देने को तैयार नहीं है। इसीलिए किसी सप्लायर ने टेंडर तक नहीं भरा। जिस कंपनी को स्वास्थ्य विभाग ने नामित किया, उसने लिखित तौर ऑक्सीजन देने से इंकार कर दिया है। वहीं, अस्पताल में अग्निशमन का काम भी अभी अधूरा है।
प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अफसर तीन सौ बेड कोविड चिकित्सालय संचालन के लिए बीते माह भर से तैयारियों में जुटे हैं। लगभग सभी बड़े काम पूरे हो चुके हैं और अस्पताल के लोकार्पण की तिथि भी शुक्रवार को प्रस्तावित कर दी गई थी। मगर, अस्पताल के आईसीयू का संचालन बगैर ऑक्सीजन के नहीं हो सकता। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए टेंडर निकाले गए मगर एक भी सप्लायर ने टेंडर नहीं डाला। जिसकी वजह से अब पेच फंस गया है। आनन फानन में स्वास्थ्य विभाग की एक कार्यदायी कंपनी को नामित किया गया था। गुरुवार को कंपनी ने वर्तमान सप्लाई की दरों से करीब तीन गुना कम दर देखकर सप्लाई से हाथ खड़े कर दिए। साथ ही, सप्लाई में असमर्थता जताते हुए लिखित पत्र भी सौंपा। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग और ऑक्सीजन सप्लायर के बीच मामले को सुलझाने के लिए बातचीत का दौर जारी है। सप्लायर बेहद कम दर पर सप्लाई से इनकार कर रहे हैं तो अफसर एक या दो दिन में मामला सुलझ जाने का दावा कर रहे हैं।
तर्क : उत्पादकों ने बढ़ाए हैं दाम, हम सिर्फ सप्लायर
कंपनी संचालक का तर्क है कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक सिलिंडर के लिए 120 रुपए का भुगतान तय है। जबकि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए बीते दिनों संयुक्त निदेशक उद्योग और आईएमए के साथ हुई बैठक में सप्लाई की दर चार सौ रुपए तय हुई थी। लिहाजा, तीन गुना नुकसान उठाकर ऑक्सीजन सप्लाई करना बेहद दुश्कर है। मेडिकल ऑक्सीजन उत्पादकों से ही करीब साढ़े तीन सौ की दर से सिलिंडर मिल रहा है तो उसे 120 रुपए में कैसे सप्लाई किया जा सकता है। उधर, अस्पताल प्रबंधन ने जिला और महिला अस्पताल को सप्लाई किए जाने वाले दर निर्धारित करने की सिफारिश की है। हालांकि, इस पर भी सप्लायर सहमत नहीं हैं। उन्होंने प्रशासन से सप्लायर के बजाय उत्पादक से कम दर में सिलिंडर मुहैया कराने की मांग की है।
अधूरी हैं तैयारियां, अब 22 को उद्घाटन प्रस्तावित
कोविड चिकित्सालय के उद्घाटन के बाबत गुरुवार को कमिश्नर रणवीर प्रसाद, एडी हेल्थ जावेद हयात, प्रभारी जिलाधिकारी सीडीओ चंद्र मोहन गर्ग, प्रभारी सीएमओ डॉ. आरएन गिरी ने अस्पताल का निरीक्षण किया। यहां कमिश्नर ने अधूरी तैयारियां देख नाराजगी जताई। अग्निशमन उपकरण लगाने का काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए। तत्काल जिला अस्पताल से दवाएं मंगवाईं। ऑक्सीजन सप्लाई व्यवस्था सुचारु होने और नर्सिंग स्टेशन कवर करने के निर्देश दिए। जिला अस्पताल से तत्काल दवाएं अस्पताल पहुंची। प्रवेश द्वार के दो गेट से फ्लू कॉर्नर और कोविड वार्ड के लिए अलग रास्ता बनाने को कहा। आइसीयू वार्ड, लैब निर्माण समेत प्रशिक्षित डॉक्टर की जानकारी दी गई। कमिश्नर ने करीब पांच दिन 22 सितंबर को अस्पताल के उद्घाटन की उम्मीद जताई है।
‘ऑक्सीजन सप्लाई की दर को लेकर कंपनी से बात की जा रही है। जल्द ही मामला सुलझ जाएगा। सभी काम पूरे होने के बाद उद्घाटन होना बेहतर है। अगर एक बार अस्प्ताल शुरू हो गया तो लेबर संक्रमण के डर से काम नहीं करेगी।’
- डॉ. जावेद हयात, एडी हेल्थ
‘सप्लाई की दर कम बताकर सप्लायर ने ऑक्सीजन सिलिंडर देने में आपत्ति जताई है। कंपनी से प्रकरण में बात चल रही है। फायर उपकरण, एग्जॉस्ट फैन, नर्सिंग स्टेशन बनाने का कार्य भी जल्द पूर्ण कर लिया जाएगा।’
- डॉ. वागीश वैश्य, सीएमएस
‘ऑक्सीजन को एनपीपीए में रख दिया है। जिसके तहत रुपए 150 रुपए निर्धारित कर दिए गए हैं। सप्लायर दाम बढ़ाएंगे तो कार्रवाई होगी। लिहाजा, सरकार को अलग से लॉजिस्टिक खर्च देने होंगे तभी सप्लाई सुचारु होगी।’
- राजेंद्र गुप्ता, अध्यक्ष, व्यापार मंडल