मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को बरेली कॉलेज मैदान में भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में जनसभा को संबोधित किया। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में विरोध प्रदर्शन की आशंका को लेकर पुलिस अलर्ट रही। काले कपड़े पहनकर जा रहे लोगों को रोक दिया गया। जो लोग कपड़ों को बाहर उतार सकते थे, उन्होंने इन्हें उतार दिया लेकिन कई लोग मजबूरी में वापस ही लौट गए। लोगों के पास मौजूद बीड़ी-माचिस, सिगरेट व गुटखा आदि भी मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद रखवा लिए।
पत्रकारों की कई स्तर पर एंट्री और तलाशी
प्रयागराज में अतीक व अशरफ के साथ हुए घटनाक्रम के बाद पत्रकार के भेष में घूम रहे संदिग्धों को लेकर सक्रियता काफी बढ़ गई है। सीएम योगी की जनसभा में पुलिस से लेकर खुफिया अमला तक चौकस रहा और निगरानी के चरण बढ़ा दिए गए। पत्रकारों को चार मेटल डिटेक्टर से होकर गुजरना पड़ा और कई जगह उनकी जांच कराई गई। तलाशी का भी खूब दौर चला।
कर्मचारियों की हुई कोरोना जांच
सीएम के संपर्क में रहने वाले पुलिसकर्मियों, स्वास्थ्य व अन्य विभागों के कर्मचारियों की कार्यक्रम से पहले एंटीजन किट से कोविड जांच कराई गई। इसमें कोरोना मुक्त होने की पुष्टि के बाद ही उन्हें ड्यूटी पर भेजा गया।
काफिला गुरजने के दौरान रोका गया यातायात
- फोटो : अमर उजाला
सीएम के लौटने तक भारी वाहनों की नो एंट्री
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कार्यक्रम को लेकर जनता को परेशानी से बचाने के लिए इस बार रूट डायवर्जन नहीं किया गया था। हालांकि एहतियात के तौर पर सीएम का काफिला आने से पहले श्यामगंज से गांधी उद्यान रोड व चौकी चौराहा की दिशा में भारी वाहनों को रोक दिया गया था। अधिकांश वाहन दूसरे रास्तों से निकाल दिए गए पर कुछ वाहन रुके रहे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद सीएम के पुलिस लाइन में प्रवेश करते ही वाहनों का संचालन खोल दिया गया।
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दोपहिया वाहनों को केवल काफिला गुजरने के दौरान कुछ मिनट के लिए ही रोका गया। बाकी समय इनका सीमित आवागमन बना रहा। जनसभा समाप्त होने पर जब कार्यक्रम में आए वाहन व रुके हुए वाहन निकले तो जाम की स्थिति पैदा हो गई। श्यामगंज रोड, पटेल चौक और पीलीभीत बाईपास पर वाहनों की संख्या बेहिसाब बढ़ जाने से जाम की स्थिति रही।