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Bareilly News: गद्दों पर चादर नहीं<bha>;</bha> बिजली गुल, रातभर खिलाड़ियों का खून चूसते रहे मच्छर

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टीम और उससे जुड़े अधिकारी शाम चार बजे तक करते रहे चाय-नाश्ते और खाने का इंतजार
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बरेली। शहर में शुरू हुई 70वीं प्रदेश स्तरीय बैडमिंटन व टेबल टेनिस प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ी शहर पहुंचे तो बदइंतजामी से सामना हुआ। प्रशासनिक लापरवाही और अव्यवस्थाओं की वजह से प्रदेशभर से अपनी खेल प्रतिभा दिखाने पहुंचे 189 टीमों के युवा खिलाड़ियों को जूझना पड़ा। उनके सोने के लिए जमीन पर गद्दे बिछा दिए गए। उन पर चादरें भी नहीं डाली गईं। बिजली गुल होने पर वैकल्पिक इंतजाम नहीं होने से मच्छर रातभर खिलाड़ियों का खून चूसते रहे।
- अधिकारियों की उदासीनता और जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ना


माध्यमिक शिक्षा विभाग ने बड़े-बड़े दावों के साथ आयोजन की रूपरेखा तैयार की थी, लेकिन धरातल पर सारी तैयारियां हवा हो गई। विभागीय अधिकारियों ने अपनी सीधी जिम्मेदारी निभाने के बजाय सारा जिम्मा संबंधित विद्यालयों के मत्थे मढ़ दिया। नतीजा यह है कि न तो खिलाड़ियों के ठहरने के लिए कोई मानक स्तर की व्यवस्था है और न ही स्टेडियम से उनके निवास स्थलों तक आने-जाने के लिए परिवहन का कोई इंतजाम किया गया है।
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विष्णु इंटर कॉलेज में खिलाड़ियों को अपने कमरों तक पहुंचने के लिए अंधेरे रास्तों और बड़ी-बड़ी घास के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में उगी घास और झाड़ियों में सांप, बिच्छू व अन्य जहरीले कीड़े घूमते रहते हैं। इससे हर पल अनहोनी की आशंका बनी हुई है। गुरु गोविंद सिंह इंटर कॉलेज में विभाग ने गद्दों का इंतजाम तो कर दिया है, लेकिन चादरे उपलब्ध नहीं कराईं। ऊपर से बिजली गुल होने पर पूरे परिसर में अंधेरा छाया रहा।
परिसर के बाहर घूमते कुत्ते भी इन युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान खड़े कर रहे हैं। सुबह से अपनी टीमों के साथ स्टेडियम पहुंचे अधिकारी चार बजे शाम तक चाय-नाश्ते और खाने का इंतजार करते रहे।
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इस प्रतियोगिता की जिम्मेदारी जिला विद्यालय निरीक्षक की है। हालांकि दो दिन पहले हुई बैठक में सभी प्रधानाचार्यों को खिलाड़ियों के लिए जरूरी व्यवस्थाएं करने के लिए आदेशित किया गया था। दो बार स्टेडियम में भी खिलाड़ियों के बीच जा चुका हूं। अब तक कहीं से ऐसी शिकायत नहीं आईं है।- रामाज्ञा कुमार, संयुक्त निदेशक (माध्यमिक शिक्षा)
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