आंवला। एक महीने पहले आंवला-बदायूं रोड पर नाले के पास लापता चल रहे ग्रामीण विनोद का शव मिलने, तीन लोगों को हिरासत में लेने और छोड़ने के मामले में फिर कार्रवाई की मांग उठी।
बुधवार को गांव पनवड़िया में पहुंचकर सपा प्रतिनिधिमंडल के सात सदस्यों ने शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। मृतक की पत्नी ने बताया कि पति की हत्या हुई थी, लेकिन एक माह बाद भी कार्रवाई नहीं की गई।
प्रतिनिधिमंडल सदस्य के सामने ग्रामीणों व मृतक की पत्नी राधा ने रो-रोकर कहा कि एक महीना बीतने को है, पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। थाने जाने पर उनको वहां से लौटा दिया जाता है। पति की मौत के बाद अब परिवार में चार बच्चों के साथ वह अकेली कहां-कहां जाएं। उसके अलावा परिवार में अब अन्य कोई नहीं है, जो थाने दरबार के चक्कर लगा सके। आरोपी लगातार उनको धमकी दे रहे हैं।
प्रभावशाली जनप्रतिनिधि पर आरोपियों को बचाने का आरोप
महिला ने क्षेत्र के एक प्रभावशाली जनप्रतिनिधि पर आरोपियों को बचाने का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि विनोद ने आत्महत्या नहीं की थी। उसकी हत्या हुई थी। क्योंकि लाश का एक पैर कटा हुआ था, जो आज तक पुलिस ढूंढ नहीं सकी है। प्रतिनिधिमंडल ने परिवार को ढांढस बंधाया और आश्वासन दिया।
प्रतिनिधिमंडल में ये रहे मौजूद: पूर्व राज्यसभा सांसद व राष्ट्रीय सचिव वीरपाल सिंह यादव ने बताया कि पीड़ित महिला एक सप्ताह पहले राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से लखनऊ में जाकर मिली थी और अपनी पीड़ा सुनाई। उनके निर्देश पर हम लोग यहां आए हैं।
इस मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। पीड़िता को इंसाफ दिलाने के लिए हम कप्तान से भी मिलेंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप, पूर्व विधायक आरके शर्मा, अगम मौर्य, बीडी वर्मा, राजकुमार पाल, इंद्रपाल सिंह यादव, मशकूर खां, विजेंद्र सिंह यादव आदि मौजूद रहे।
20 मार्च को मिला था शव : बता दें कि 20 मार्च को पनवड़िया गांव निवासी 30 वर्षीय विनोद का शव गांव के समीप नाले में मिला था। वे नौ दिनों से लापता थे।
शव की हालत इतनी खराब थी कि हाथ पर गुदे नाम से शिनाख्त हो सकी थी। इस मामले में मृतक की पत्नी राधा की ओर से तीन के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। संवाद