बदायूं। पुलिस की कार्यशैली को देखते हुए किसान हरीराम के परिजन मंगलवार को कलेक्ट्रेट के आंबेडकर पार्क में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। उनका कहना है कि हरीराम हत्याकांड में जो मुख्य आरोपी हैं, पुलिस ने अब तक उन्हें गिरफ्तार नहीं किया है। सिटी मजिस्ट्रेट अरुण कुमार ने पीड़ितों से वार्ता की है।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के गांव द्वियोरी में 11 जून की सुबह किसान हरीराम की लाठी-डंडे से पीटकर हत्या कर दी गई थी। इसमें ग्राम प्रधान इरेंद्र सिंह समेत 10 लोग नामजद हैं। उनमें राजपाल, मुनेंद्र, रिंकू, महेश, विजयपाल उर्फ वीरेश और राजन को गिरफ्तार करके जेल भेजा चुका है, लेकिन अभी तक ग्राम प्रधान, उसका भाई अनुज प्रताप, पिता संतोष कुमार और राजपाल की पत्नी आशा गिरफ्तार नहीं है।
किसान की पत्नी सोनवती और उनके भतीजे अवनीश ने बताया कि हरीराम की हत्या के दौरान उनके परिवार के सभी लोग मौजूद थे। हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की थी। अवनीश के हाथ में फ्रैक्चर तक हो गया था और मीरा, वीरेंद्र को गंभीर चोटें आईं। उन्होंने हरीराम को बचाने की कोशिश की थी लेकिन वह नहीं बचा पाए। आरोपियों ने उनकी पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।
सोनवती ने बताया कि इस हत्याकांड का मुख्य आरोपी ग्राम प्रधान इरेंद्र, उसका भाई अनुज प्रताप और पिता संतोष है। यह वह लोग हैं, जिन्होंने कई लोगों की जमीन पर कब्जा कर लिया। सरकारी जमीनों पर कब्जा करा दिया। इसके खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। उन्होंने ही उनकी जमीन पर कब्जा कराने की कोशिश की थी, जिसे बचाने के चक्कर में हरीराम की जान ले ली गई। अब वही आरोपी नहीं पकड़े जा रहे हैं।
राजनीतिक संरक्षण का आरोप
धरने पर मौजूद कांग्रेस के प्रदेश सचिव अजीत सिंह यादव ने बताया कि आरोपियों को राजनीतिक सरंक्षण मिला हुआ है, जिससे पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर रही है। वह लगातार परिवार वालों को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। उन्होंने परिवार की सुरक्षा और मुआवजे की मांग करते हुए धरना शुरू किया है। जब तक पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी, मुआवजा नहीं मिलेगा और उन्हें सुरक्षा प्रदान नहीं की जाएगी, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा। संवाद