उझानी। कछला गंगाघाट से रविवार शाम को साथी कांवड़ियों की टोली से लापता सोनू का तीसरे दिन भी सुराग नहीं लग पाया। घरवालों की देखरेख में गोताखोरों ने गंगा में खोजी अभियान चलाया लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिल पाई।
बिल्सी क्षेत्र के गांव वाकरपुर सागरपुर निवासी कांवड़िया सोनू पुत्र रामेश्वर रविवार शाम को अपने गांव के कांवड़ियों की टोली के साथ गंगाघाट पर पहुंचा था। देर रात तक घर नहीं पहुंचने पर खोजबीन शुरू कर दी गई। घरवाले घाट पर पहुंचे तो उन्हें सोनू के कपड़े वहीं रखे मिले जिसके साथ वह गंगा स्नान करने के लिए गया था। उसके साथियों ने भी घरवालों को यही बताया है कि सोनू नहाते समय से लापता है। इसके बाद से घरवालों को भी सोनू के गंगा में डूब जाने की आशंका बनी हुई है। भाई प्रेमपाल ने मंगलवार को कछला चौकी इंचार्ज से भी मदद मांगी। चौकी इंचार्ज ने प्राइवेट गोताखोरों को भी फिर से खोजबीन के लिए गंगा में उतार दिया लेकिन शाम तक कोई नतीजा सामने नहीं आया। इधर, कोतवाल विनोद कुमार चाहर का कहना है कि सोनू की खोजबीन के लिए गोताखोरों की एक टीम ने गंगाघाट से कादरचौक की ओर करीब दो किलोमीटर तक खोजी अभियान चलाया है। जल स्तर अधिक और उसकी रफ्तार तेज होने की वजह से गोताखोरों को भी ढूंढने में दिक्कत आ रही है।
रास्ते में बेहोश पड़ा मिला बरेली का राजपाल
उझानी। सोमवार सुबह करीब पांच बजे बरेली के कैंट क्षेत्र के कांवड़ियों की टोली में राजपाल (60) कछला चौराहे के पास से लापता हो गया था। साथ में उसका बेटा अनुज भी था। वह देर शाम ही रास्ते में बेहोश पड़ा मिला गया। साथी कांवड़िया निजी क्लीनिक पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे अपने साथ बरेली ले गए। राजपाल को लेकर सोमवार को पूरे दिन पसोपेश का माहौल बना रहा था।