बरेली के मुड़िया नबी बक्श निवासी नौ वर्षीय दिव्यांश के दिल में छेद था। उसकी पीड़ी को उमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग के अफसर हरकत में आए। विभाग ने 25 नवंबर को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में दिव्यांश की निशुल्क सर्जरी कराई।
बरेली में जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित मुड़िया नबी बक्श निवासी नौ वर्षीय दिव्यांश को दिल के छेद के सफल ऑपरेशन से नई जिंदगी मिली है। स्वास्थ्य विभाग ने 25 नवंबर को अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में निशुल्क सर्जरी कराई। मंगलवार को इलाज पूरा होने पर वह बरेली लौट आए।
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दिव्यांशु को जन्म से ही दिल में छेद की समस्या थी। मोबाइल हेल्थ टीम की स्क्रीनिंग में रोग चिह्नित कर जिला अस्पताल रेफर किया गया। रोग की पुष्टि के बाद सर्जरी के लिए पंजीकरण हुआ पर चार माह बाद भी परिजन ऑपरेशन की राह ताक रहे थे।
अमर उजाला ने प्रमुखता से उठाया दिव्यांश का दर्द
अमर उजाला ने मामले को प्रमुखता से उठाया तो अफसरों ने उपचार के निर्देश दिए। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने मामले पर आरबीएसके के नोडल अधिकारी डॉ. पवन कपाही को निर्देश दिए। पिछले माह सर्जरी के लिए दिव्यांशु को परिजन समेत अलीगढ़ जेएन मेडिकल कॉलेज भेजा गया। जहां सफल निशुल्क ऑपरेशन किया गया।
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राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) जिला मैनेजर डॉ. पारस गुप्ता के मुताबिक बच्चा स्वस्थ है। सीएमओ डॉ. विश्राम सिंह ने कहा कि आरबीएसके से जन्मजात हृदय रोग समेत कई गंभीर बीमारियों का इलाज होता है। खर्च सरकार उठाती है। अगर किसी बच्चे में जन्मजात कोई दोष है तो परिजन स्वास्थ्य केंद्र पर या कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।