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Bareilly News: यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए 10 चौराहों पर खर्च किए जाएंगे नौ करोड़

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बरेली। बढ़ती वाहन संख्या और बेतरतीब ट्रैफिक प्रबंधन के लिए 10 चौराहे री-डिजाइन किए जाएंगे। नगर निगम ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में इसके लिए नौ करोड़ रुपये आरक्षित किए हैं। अब इसी बजट से चिह्नित चौराहोंं का स्वरूप बदलने की तैयारी है। चौराहों के ट्रैफिक सर्वे और विस्तृत सर्वेक्षण के लिए किसी अनुभवी कंपनी को जल्दी ही जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
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प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक नियंत्रण के लिए लाइट लगी हैं। लेकिन एक चौराहे से दूसरे चौराहे तक जब कोई वाहन पहुंचता है, तब तक दूसरे चौराहे पर रेड लाइट हो जाती है। वाहन चालकों को चौराहों पर रुकना न पड़े और बिना जाम के रफ्तार मिले। इस तरह की ट्रैफिक व्यवस्था दिल्ली में पहले से है। दिल्ली की तर्ज पर ट्रैफिक लाइट्स का तारतम्य बैठाकर वाहनों को गति देनी है। रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरए्रफपी) तैयार कराया जा रहा है। आरएफपी के मानकों पर निजी कंपनी का चयन होगा। फिर विस्तृत सर्वेक्षण शुरू हो सकेगा। विस्तृत सर्वेक्षण में यह गणना भी होगी कि कहां घरेलू और कामर्शियल वाहनों का कहां कितना ट्रैफिक है। इसके बाद ही तय होगा कि कहां कामर्शियल वाहनों को प्रवेश लिए नियत समय के लिए रोक लगाई जानी है। ब्यूरो
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सुरक्षित यातायात के लिए ऐसे बदलेगी चौराहों की तस्वीर
ईंट पजाया चौराहा : ट्रैफिक डायवर्जन के लिए अस्थायी डिवाइडर के स्थान पर स्थायी डिवाइडर का निर्माण कराया जाएगा।
चौपुला : डिवाइडर को विस्तार देकर यातायात को नियंत्रित किया जाएगा। नए यू-टर्न बनाए जाएंगे।
सेटेलाइट- बस स्टैंड के सामने डिवाइडर इतना छोटा है कि वाहन जंप कर जाते हैं, इसे ऊंचा किया जाएगा। ई-रिक्शा और ऑटो के लिए स्टैंड बनेगा, ताकि सड़क किनारे सर्विस रोड ब्रेक न हो।
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चौकी चौराहा : रोटरी का आकार बढ़ेगा। गांधी उद्यान से पुलिस लाइन की ओर डिवाइडर को विस्तार दिया जाएगा।
नावेल्टी चौराहा : फुटपाथ से अतिक्रमण हटेगा। चौराहे के चारों ओर अवैध पार्किंग रोकी जाएगी।


इन चौराहों पर ट्रैफिक की गणना के साथ सर्वेक्षण होगा

सेटेलाइट, श्यामगंज, डेलापीर, बीसलपुर चौराहा, चौपुला, ईंट पंजाया, चौकी चौराहा, बरेली कॉलेज, मिनी बाईपास, नॉवेल्टी चौराहा
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विस्तृत सर्वेक्षण से यह पता लगेगा

किस चौराहे पर कितना है ट्रैफिक, कितना और बढ़ने के आसार
आवागमन के दौरान कहां-कहां हादसे का है खतरा, कैसे खत्म हो

सुरक्षित यातायात के प्रबंधन के लिए क्या काम कराया जाना जरूरी

चौराहों की भौगोलिक परिस्थिति का आकलन रिकार्ड में लाया जाएगा



विकास को रफ्तार देने की वजह से बरेली में आवागमन और ट्रैफिक बढ़ा है। दिनों दिन इसमें वृद्धि होनी है। इसलिए ट्रैफिक लोड के आकलन के साथ प्रमुख चौराहों की री-डिजानिंग जरूरी है ताकि सुरक्षित सफर मिल सके। इसीलिए राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम में बजट का प्रावधान किया गया।
- उमेश गौतम, महापौर


शहर में व्यवस्थित तरीके से ट्रैफिक संचालन और भविष्य की जरूरत को देखते हुए चौराहों की री-डिजाइनिंग के लिए आरएफपी तैयार हो रही है। इसके आधार पर चयनित निजी फर्म विस्तृत अध्ययन करेगी तब आगे काम होगा।
- संजीव कुमार मौर्य, नगर आयुक्त

बढ़ती वाहन संख्या के हिसाब से यातायात के प्रबंधन की योजना धरातल पर उतरेगी। नगर निगम इसके लिए चौराहों की री-डिजाइनिंग कराने की तैयारी में है। जैसे ही काम पूरे होंगे, शहर की यातायात व्यवस्था में और सुधार होगा।
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- अकमल खां, एसपी ट्रैफिक

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