दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां कादरी की ओर से बैंड-बाजा और डीजे बजाने पर निकाह न पढ़ाने की अपील पर मौलवी-उलमा और काजी भी रजामंद हो गए हैं। बृहस्पतिवार को दरगाह पर हुई एक बैठक में उन्होंने सज्जादानशीन के फैसले पर मुहर लगा दी।
सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा खां ने हाल ही में मुस्लिम समाज में होने वाले शादी-ब्याह में नाच-गाने के साथ बैंड-बाजे, डीजे और आतिशबाजी को शामिल करने को गैरशरई बताया था। इसके साथ शादी समारोह में खड़े होकर खाना खाने, मर्दों के बीच औरतों के बेपर्दा होकर शामिल होने जैसी चीजों पर भी पाबंदी लगाने की बात कही थी। सज्जादानशीन ने काजी और मौलवियों से अपील की थी कि जहां इस तरह के गैरशरई काम हों, वहां वे निकाह न पढ़ाएं।
बृहस्पतिवार को दरगाह प्रमुख सुब्हान रजा खां की सरपरस्ती में इसी मुद्दे पर बैठक हुई जिसकी सदारत सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी ने की। बैठक में आए तमाम उलमा, काजी, मौलवी, इमाम और दानिश्वरों ने एकराय होकर सज्जादानशीन की अपील पर मुहर लगा दी। मुफ्ती सलीम नूरी ने कहा कि गैर शरई सामाजिक बुराइयों को रोकने के लिए पहले उलमा और मौलवियों को ही अमल करना पड़ेगा। इसके बाद अपने घर और फिर करीबी रिश्तेदारों को भी अमल कराना है।
मदरसा मंजरे इस्लाम के प्रधानाचार्य मुफ्ती आकिल रजवी ने सभी इमामों से हाथ उठवाकर इस अपील पर समर्थन कराया और फिर जुमे की नमाज में कौम को भी इस बारे में ताकीद करने को कहा। तंजीम उलमा इस्लाम के राष्ट्रीय महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने कहा कि इस मुहिम में उनकी पूरी टीम सज्जादा के साथ है।
कारी अब्दुर्रहमान कादरी, तहरीके फरोग इस्लाम के जिलाध्यक्ष मौलाना अहसान उल हक चतुर्वेदी, दारुल इफ्ता के सदर मुफ्ती कफील हाशमी, शहर इमाम मुफ्ती खुर्शीद आलम आदि ने भी खिताब किया। इस दौरान नासिर कुरैशी, शाहिद रजा नूरी, परवेज नूरी, हाजी जावेद, अजमल नूरी, औरंगजेब, ताहिर अल्वी सहित बड़ी तादात में लोग शामिल हुए।