बरेली। फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के तहत 13 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों समेत नगरीय केंद्रों में प्री-ट्रांसमिशन असेसमेंट सर्वे (टास) शुक्रवार से शुरू होगा। सर्वे के लिए बृहस्पतिवार को लैब टेक्नीशियन, लैब असिस्टेंट, एएनएम को प्रशिक्षण दिया गया। 33 टीमें नियमित सर्वे रिपोर्ट देंगी।
जिला मलेरिया अधिकारी सत्येंद्र कुमार के मुताबिक फरीदपुर, क्यारा, भमोरा ब्लॉक में बीते दिनों आईडीए, एमडीए कार्यक्रम हुआ था। लिहाजा, इनके अलावा अन्य 13 ब्लॉक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्री-टास सर्वे होगा। प्रत्येक ब्लॉक में दो संवेदनशील क्षेत्र और एक रैंडम साइट पर सर्वे किया जाएगा। इसमें ग्राम प्रधान, पार्षद, सभासद का भी सहयोग लिया जाएगा।
30 जून तक चलने वाले सर्वे में प्रतिदिन तैयार हो रही रक्त पट्टिका की जांच की जाएगी। टीमों को सैंपल लेने का तरीका, सुरक्षित लैब पहुंचाने समेत अन्य गतिविधियों की जानकारी दी गई। बताया कि फाइलेरिया से बचाव के लिए निशुल्क जांच और इलाज होता है।
फाइलेरिया मच्छर जनित रोग है। परजीवी के शरीर में मौजूद होने पर भी कई साल तक लक्षण नजर नहीं आते। बुखार, हाथ-पांव में दर्द, सूजन, जननांग या आसपास दर्द, हाइड्रोसील आदि इसके शुरुआती लक्षण हैं। ब्यूरो