बरेली। वीजा विस्तार नहीं होने से रुहेलखंड विश्वविद्यालय में पढ़ रहे नाइजीरियन छात्रों के सिमकार्ड निष्क्रिय हो गए हैं। इस वजह से छात्र विश्वविद्यालय के क्लासरूम या हाॅस्टल के वाई-फाई के सहारे काम चला रहे हैं। इनके वीजा नवीनीकरण की तिथि 27 नवंबर थी, लेकिन अब तक कोई ऑनलाइन सूचना नहीं मिलने से 27 में से 21 छात्र केवल नानाजी हाॅस्टल से क्लास तक बंध कर रह गए हैं। यूसुफ के जेल जाने के बाद अन्य नाइजीरियन छात्र परेशान हैं। मीडिया प्रभारी अमित सिंह ने बताया कि छात्रों की वीजा प्रक्रिया में देरी हो सकती है। सिम निष्क्रिय होने के बारे में जानकारी नहीं है।
रुविवि के छात्र यूसुफ बाला मुस्तफा विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय के फर्जी प्रमाणपत्र बनाने के आरोप में केंद्रीय कारावास में निरुद्ध है। उसे अब तक न तो कोई विधिक सहायता मिल पाई है, न ही परिवार से कोई आया है। कुछ नाइजीरियन छात्रों को वार्डन के साथ यूसुफ से मिलने की अनुमति मिली है। रुविवि भी कोई जिम्मेदारी नहीं ले रहा। नाइजीरियन दूतावास से पत्राचार की भी कोई सूचना नहीं है। जिम्मेदारों का कहना है कि यूसुफ के परिवार को स्वत: ही जानकारी पहुंच जाएगी। सूत्रों के अनुसार भविष्य में छात्र का एडमिशन रहेगा या नहीं, इसके लिए भी एक समिति का गठन किया जा रहा है।
बुधवार को भी पहुंची एटीएस
रुविवि में एटीएस प्रदेश से बाहर से आए छात्रों का डाटा लेने के लिए विभाग दर विभाग जा रही है। बीते दिनों दिल्ली में आतंकी हमले के बाद से ही जम्मू-कश्मीर समेत प्रदेश के बाहर से आए अन्य छात्रों की जानकारी जुटाई जा रही है।