विदेशों व अन्य राज्यों से आए विद्यार्थियों के खंगाले जा रहे रिकॉर्ड
दिल्ली कार धमाके के बाद पूरे प्रदेश में हाई अलर्ट है। जिसके बाद से ही उच्च शिक्षण संस्थानों में पढ़ने के लिए बाहर से आने वाले छात्र-छात्राओं पर पैनी नजर रखी जा रही है। इसके लिए बाहरी विद्यार्थियों के सभी प्रपत्रों को दोबारा से सत्यापित किया जा रहा है। स्थानीय अभिसूचना इकाई की ओर से स्थानीय विश्वविद्यालयों में अध्ययनरत बाहरी विद्यार्थियों का सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। जिसके तहत रुहेलखंड विश्वविद्यालय व अन्य निजी विश्वविद्यालयों में जम्मू कश्मीर समेत बाहरी राज्यों और विदेशों से आये छात्र-छात्राओं के प्रपत्र सत्यापित करने के लिए कहा है। इसी क्रम में रुविवि में सभी विदेशी छात्रों के प्रपत्र भी सत्यापित किए जा रहे हैं।
नाइजीरिया के छात्र के पासपोर्ट फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद रुहेलखंड विश्वविद्यालय प्रशासन भी चौकन्ना हो गया है। इसी संबंध में मंगलवार को भी एक विशेष बैठक भी बुलाई गई। सूत्रों की मानें तो रुविवि में अध्ययनरत 22 नेपाली छात्रों में से करीब 12 के पास ही पासपोर्ट है। इसके अलावा नाइजीरिया के छात्रों के दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर से पढ़ने आए छात्र-छात्राओं पर भी पैनी नजर रखी जा रही है। विवि प्रशासन के अनुसार हर विभाग में सेंट्रल कोटे के तहत जम्मू कश्मीर व लद्दाख के छात्र-छात्राओं को प्रवेश दिया जाता है।
इसके अलावा अन्य राज्यों के भी छात्र-छात्राएं स्थानीय स्तर पर अध्ययनरत हैं। जिनके द्वारा जमा किए प्रपत्रों की भी जानकारी उच्च स्तर पर मांगी गई है। रुविवि में जम्मू-कश्मीर के करीब 15 छात्र-छात्राएं इंजीनियरिंग के अलग-अलग विभागों में अध्ययनरत हैं। इसके अलावा निजी विश्वविद्यालयों में भी जम्मू-कश्मीर के छात्र-छात्राएं शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इनके बारे में भी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।