दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल के बेसमेंट में अग्निकांड के बाद बरेली में स्वास्थ्य विभाग ने बेसमेंट में मरीजों को भर्ती करने वाले अस्पतालों पर कार्रवाई शुरू की है। सोमवार को पीलीभीत बाइपास स्थित केजीएन सहारा अस्पताल के एनआईसीयू, ओटी को सील किया।
नोडल डॉ. अमित कुमार के मुताबिक, पूर्व में भी शासन ने बेसमेंट में मरीजों को भर्ती करने वाले अस्पतालों की जांच कराई थी। जिन अस्पतालों के बेसमेंट में मरीज भर्ती किए जा रहे थे, उन्हें सुधार के निर्देश दिए गए थे। दिल्ली के हादसे के बाद पूर्व में जारी दिशा-निर्देश के अनुपालन की जांच हो रही है। बेसमेंट में ऑपरेशन थिएटर, एनआईसीयू, सीसीयू, आईसीयू, जनरल, इमरजेंसी वार्ड आदि के संचालन से अग्निकांड की स्थिति में मरीजों की जान जोखिम में पड़ने की आशंका है।
लिहाजा, सीलिंग की कार्रवाई के साथ ही सुधार के निर्देश भी दिए गए हैं। बिना अनुमति सील खोलने पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। जिले के सभी निजी अस्पतालों की जांच की जाएगी। मानकों का अनुपालन नहीं मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।
जिला अस्पताल की ओपीडी के बाहर फेंका बायो मेडिकल वेस्ट
जिला अस्पताल के बाहर कक्ष संख्या 20 के पास सोमवार को बायो मेडिकल वेस्ट का ढेर लगा रहा। वहां उपयोग किए गए सीरिंज, कॉटन व अन्य बायोमेडिकल वेस्ट फेंके हुए थे। वेस्ट के पास से ही रैंप भी है जहां से मरीज ओपीडी में चिकित्सकीय परामर्श के बाद पैथोलॉजी कक्ष की ओर सैंपल देने जाते हैं। इससे उनके संक्रमण की चपेट में आने की आशंका है। फोटो सोशल प्लेटफॉर्म पर वायरल होने के बाद प्रभारी एडी एसआईसी डॉ. आरसी दीक्षित ने पैथोलॉजी प्रभारी से स्पष्टीकरण लेने की बात कही है।