बरेली। राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी), प्रधान पीठ ने बरेली के बिलवा गांव में दर्ज गाटा संख्या 508 की झील की रक्षा के लिए बरेली के जिलाधिकारी को निर्देश दिया है। कहा है कि झील या उसके कैचमेंट क्षेत्र में कोई निर्माण या अतिक्रमण न होने दिया जाए। यह आदेश न्यायमूर्ति प्रकाश श्रीवास्तव और विशेषज्ञ डॉ. ए. सेंटिल वेल की पीठ की ओर से पारित किया गया है।
पीठ ने तीन याचिकाओं सियाराम मंडल बनाम एल्डिको कंपनी एवं अन्य राजपाल सिंह बनाम एल्डिको कंपनी एवं अन्य और अमिशा सिंह बनाम सीपीसीबी एवं अन्य की संयुक्त सुनवाई की। तीनों याचिकाओं में आरोप लगाया गया है कि एल्डिको कंपनी ने उस क्षेत्र में निर्माण कार्य प्रारंभ कर दिया है, जिससे राजस्व अभिलेखों में दर्ज झील प्रभावित हो रही है।
जिला प्रशासन की संयुक्त समिति की रिपोर्ट के अनुसार झील का क्षेत्रफल 0.126 हेक्टेयर है, जो अब एल्डिको की ओर से अधिग्रहीत भूमि से चारों ओर से घिरा हुआ है। कंपनी ने अस्थायी चहारदीवारी बना दी है। इससे झील का कैचमेंट क्षेत्र मुक्त नहीं रह गया है। पीठ ने कहा कि यदि कैचमेंट क्षेत्र बंद कर दिया गया तो धीरे-धीरे झील सूख जाएगी। इसलिए झील की परिधि से 75 मीटर को नो-कंस्ट्रक्शन (निर्माण निषेध) जोन बनाए रखना अनिवार्य है। अधिकरण ने जिलाधिकारी बरेली को निर्देश दिया है कि वह 4 दिसंबर को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उपस्थित होकर वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं। तब तक वह यह सुनिश्चित करें कि किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण न होने पाए।