बरेली। उर्स-ए-रजवी और उर्स-ए-रजवी कादरी में शिरकत करने आए हजारों जायरीन ने अगले साल फिर आने के वादे के साथ विदाई ली। हालांकि बुधवार को भी हजारों की संख्या में जायरीन शहर में नजर आए। इसमें ज्यादातर वे जायरीन हैं जो भीड़ के चलते दरगाह पर हाजिरी नहीं दे पाए थे।
बुधवार को सुबह फज्र की नमाज के बाद दरगाह पर चहल-पहल शुरू हो गई थी। सुबह आठ बजे के बाद दरगाह पर जायरीन की खासी भीड़ नजर आने लगी। फिर तो दिन भर जायरीन के दरगाह पर हाजिरी देने का तांता ही लग गया, जो रात तक जारी रहा। इस बीच कुछ लोग गले मिलकर अगले साल मिलने के वादे के विदा हो रहे थे, तो कुछ नई मुलाकात के लोग फोन नंबर और पते लेकर खुदा हाफिज कह रहे थे। बुजुर्गों और खानवादों की दस्तबोसी (हाथ चूमना) कर वापसी की इजाजत लेते भी नजर आए। यह सिलसिला रात तक जारी रहा।