Next week could get permission for constructing flyovers
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
सीएम की घोषणा में शामिल लाल फाटक ओवरब्रिज के एस्टीमेट को रेलवे की हरी झंडी मिलने के बाद सेतु निगम ने अपना एस्टीमेट शासन को भेज दिया है। फ्लाईओवर निर्माण की प्रशासनिक और वित्तीय मंजूरी एक से दो हफ्तों में मिल सकती है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले अगर फ्लाईओवर की मंजूरी मिलती है तो सपा सरकार में शहर के अंदर बनने वाला ये चौथा फ्लाईओवर होगा।
बदायूं रोड पर दो रेल लाइनों के बीच गुजरने वाले ट्रैफिक की सहुलियत के लिए लाल फाटक रेलवे ओवरब्रिज की मांग लंबे समय से चल रही थी। पुल का एक हिस्सा रेलवे से स्वीकृति के चलते बोर्ड में लंबित था। रेलवे की हरी झंडी मिलने के बाद सेतु निगम ने लाल फाटक पर फ्लाईओवर बनाने के लिए 92 करोड़ 72 लाख का एस्टीमेट स्वीकृति के लिए भेजा है। 940 मीटर लंबे फ्लाईओवर निर्माण पर 60 करोड़ रुपये सेतु निगम खर्च करेगा और 32.72 लाख रुपये रेलवे की लागत होगी। दिल्ली-लखनऊ मेन लाइन के ऊपर 117 मीटर और चंदौसी ब्रांच की लाइन के ऊपर 46 मीटर पुल रेलवे की निधि से बनेगा। रेलवे की कांस्ट्रक्शन यूनिट की टीम ने हाल ही में सर्वे करने के बाद अपनी रिपोर्ट रेल मंत्रालय को दी थी। इसके बाद रेलवे से ये फ्लाईओवर स्वीकृत हो गया। रेलवे की मंजूरी के बाद फ्लाईओवर निर्माण की स्वीकृति राज्य सरकार से भी मिलने के आसार हैं। सेतु निगम के प्रोजेक्ट मैनेजर वीके सेन का कहना है कि सीएम की घोषणा में शामिल लाल फाटक फ्लाईओवर निर्माण के लिए एस्टीमेट जल्दी स्वीकृति करने की प्रक्रिया चल रही है। सेतु निगम मुख्यालय से पहले टीम आकर सर्वे करेगी। इसके बाद एक से दो हफ्तों में किसी भी वक्त फ्लाईओवर निर्माण को मंजूरी मिल सकती है।