अब तक ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का ठेका लेने वाले दलाल अब हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (एचएसआरपी) से मालामाल हो रहे हैं। इसके लिए वे लोगों से दोगुनी कीमत वसूल रहे हैं। बरेली में आरटीओ कार्यालय से लेकर ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट तक इनका मजबूत नेटवर्क है। किसी भी काम से आरटीओ दफ्तर पहुंचने वाले लोगों को आसपास सक्रिय दलाल कवर कर लेते हैं। हर काम का दाम बताकर उसे जल्दी कराने का दावा करते हैं। सोमवार को अमर उजाला ने इसकी पड़ताल की तो हकीकत सामने आई।
नकटिया स्थित आरटीओ कार्यालय में घूम रहे दो दलालों ने एचएसआरपी के लिए अलग-अलग सुविधा शुल्क बताया। विकास भवन के पीछे स्थित ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट में मिले एक दलाल ने दोपहिया वाहन के लिए 1000 और चार पहिया वाहन के लिए 1400 रुपये मांगे। दावा किया कि वह साइबर कैफे से ऑनलाइन आवेदन कराएगा। आवेदन की रसीद आपके पास होगी तो चेकिंग के दौरान चालान व जुर्माना से बच जाएंगे, जबकि आरटीओ दिनेश कुमार का कहना है कि जुर्माने से तभी बचाव हो सकता है जब एचएसआरपी लगी हो।
जिले के बड़े अफसरों और कई मजिस्ट्रेट की सरकारी गाड़ियों पर भी एचएसआरपी नहीं है। सिटी मजिस्ट्रेट, अपर नगर मजिस्ट्रेट और एडीएम सिटी की गाड़ियां बिना एचएसआरपी के दौड़ रही हैं। कार्रवाई के लिए अभियान चला रहे परिवहन विभाग के अफसरों की निगाह इनकी गाड़ियों पर नहीं पड़ रही है। आम लोगों के वाहनों का ही चालान किया जा रहा है।