बरेली। इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंची बुजुर्ग महिला को न दवा मिली, न ही हड्डी रोग विशेषज्ञ ने देखा। बेतहाशा दर्द से छटपटाते देख पति अपने साधन से पत्नी को घर ले गया। सीसी फुटेज खंगालने के बाद एडी हेल्थ डॉ. तेजपाल ने जांच रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
जांच रिपोर्ट के अनुसार, कटरा चांद खां (सिंधुनगर) निवासी अरिहरी देवी को परिजन नौ मई की सुबह 11 बजे जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में इलाज के लिए लाए थे। इमरजेंसी में डॉ. गजेंद्र ने देखा और एडमिशन फाइल बनाकर 15 मिनट बाद उसे स्ट्रेचर से इमरजेंसी फीमेल वार्ड में शिफ्ट कराया था। फाइल पर जरूरी दवाएं और इंजेक्शन लिखे थे। परामर्श और एडमिशन में कोई लापरवाही नहीं मिली। फीमेल वार्ड में सुबह 11:30 से शाम 4:30 बजे तक महिला भर्ती रही।
सीसी फुटेज देखने पर पता चला कि पांच घंटे तक महिला के पास कोई स्टाफ नहीं गया। महिला वार्ड में पीठ दर्द से कराहती रही। ईएमओ ने जो दवाएं लिखी थीं, स्टाफ ने वह भी नहीं दी। सीसी फुटेज में स्टाफ दवा देते नहीं दिख रहा। मरीज को हड्डी रोग विशेषज्ञ को दिखाने का परामर्श था, पर स्टाफ ने संबंधित विशेषज्ञ को न फाइल दिखाई न इसकी सूचना दी।
आज आएंगी निदेशक
डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर महानिदेशक ने प्रकरण की जांच निदेशक (पैरामेडिकल) डॉ. संजू अग्रवाल को सौंपी है। वह शुक्रवार को जिला अस्पताल पहुंचेंगी। वह महिला के इलाज से जुड़े दस्तावेज देखेंगी। डॉक्टर और स्टाफ के बयान भी दर्ज करेंगी। इधर, वार्ड ब्वॉय, वार्ड सहायक, सुरक्षाकर्मी को ड्यूटी से हटा दिया गया है। मामले में कई और लोगाें के चपेट में आने की आशंका है।