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लापरवाही: 24 घंटे बाद भी संक्रमित की मौत से अनजान बने रहे अफसर

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
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सोमवार को हो चुकी थी मौत, अफसर बोले-कोविड अस्पताल में आइसोलेट है महिला

बरेली। संक्रमितों की मौत के बाद कोविड नियमों के तहत उनका अंतिम संस्कार कराने में नाकाम अफसरों को अब संक्रमितों की मौत की भी जानकारी नहीं मिल रही है। हैरत यह कि जिला सर्विलांस अधिकारी भी एक संक्रमित महिला की मौत से अनजान रहे और उन्होंने उसके कोविड अस्पताल में भर्ती होने की बात कह दी, जबकि महिला का अंतिम संस्कार भी किया जा चुका है। गुरुवार को मामला संज्ञान में आने पर खलबली मच गई।
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जिला महिला अस्पताल में इलाज कराने पहुंची नवाबगंज के मोहल्ला गांधी टोला की 58 वर्षीय महिला के सैंपल की जांच ट्रूू-नॉट मशीन से की गई थी। जांच में महिला के संदिग्ध संक्रमित होने पर सैंपल जांच के लिए आईवीआरआई भेजा गया। साथ ही उसे कोविड अस्पताल में क्वारंटीन किया गया, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही 21 जून को उसकी मौत हो गई, इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। परिजन ने सामान्य तरीके से अंतिम संस्कार कर दिया। बुधवार देर साम महिला की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो अफसरों ने उसकी हालत गंभीर बताते हुए इलाज जारी रहने की जानकारी दी। गुरुवार को अफसरों की यह लापरवाही सुर्खियां बनीं तो लोगों ने विभाग की गैरजिम्मेदाराना बयानबाजी पर नाराजगी जताई।

कोविड नियमों के तहत नहीं हुआ दाह संस्कार

मोहल्ला गांधी टोला के रहने वालों के मुताबिक, महिला संदिग्ध संक्रमित थी, मगर उसके अंतिम संस्कार के दौरान कोई एहतियात नहीं बरती गई। परिजन ने महिला का स्थानीय श्मशान भूमि में दाह संस्कार किया। उस दौरान किसी ने पीपीई किट भी नहीं पहनी थी। न ही स्वास्थ्य विभाग या अस्पताल से कोई नियमों की ही जानकारी दी गई। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही तमाम लोगों पर भारी पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

संक्रमण की चेन भी नहीं खोज सके अफसर

बुधवार को कोरोना संक्रमित मिली दो महिलाओं में से एक भी संक्रमित के सोर्स की तलाश सर्विलांस टीम नहीं कर सकी है। स्थितियां नियंत्रण में होने का दावा करने वाले अफसरों का यह रवैया उनकी सजगता का प्रमाण दे रहा है। संक्रमितों के परिजनों के मुताबिक महिलाएं गंभीर रूप से बीमार थीं, उनका इलाज चल रहा है मगर बीते कई दिनों से वह अस्पतालों के अलावा कहीं इलाज के लिए नहीं गई।
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