बरेली। अधूरे पुल की वजह से हुए हादसे का संज्ञान शासन ने लिया है। प्रशासन की प्रारंभिक जांच में पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं की लापरवाही उजागर हुई है। इसी के बाद रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। अब विभागीय जांच शुरू हो गई है। पीडब्ल्यूडी के प्रमुख अभियंता ने रिपोर्ट तलब की है।
मुख्य अभियंता अजय कुमार सोमवार सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने विभागीय मुख्यालय और शासन के अधिकारियों को हकीकत से अवगत कराया। अधीक्षण अभियंता को विभागीय जांच के आदेश दिए। अधीक्षण अभियंता केके सिंह ने स्थानीय लोगों के बयान लिए। विभागीय अभियंताओं का पक्ष भी सुना। हादसे रोकने के लिए पुल से पहले चार स्थानों पर अब कराई गई बैरिकेडिंग देखी।
अधीक्षण अभियंता ने यह जानने का प्रयास भी किया कि पुल पर आवागमन रोकने के लिए बनाई गई दीवार कब गिरी और किसने गिराई? दीवार गिरने के बाद तत्काल उसका संज्ञान नहीं लेने पर अभियंताओं से भी सवाल किया। पुल कब बना? कब से अधूरा है? उसे पूरा कराने के लिए अब तक क्या-क्या हुआ? आदि बिंदुओं पर उन्होंने छानबीन की। वह मंगलवार को अपनी रिपोर्ट सौपेंगे।
दोतरफा जांच से घिरे अभियंता
बरेली। लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं ने न तो अवरोधक लगाए, न ही रिफ्लेक्टर और संकेतक बोर्ड लगवाए। नतीजा गूगल मैप देखकर कार सवार बढ़ते गए। हादसा हुआ तो पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं की कमियां सामने आईं। इसके बाद अब अभियंता, दोतरफा जांच के घेरे में आ गए हैं। एक तरफ पुलिस विवेचना कर रही है तो दूसरी ओर विभागीय जांच भी हो रही है। पुलिस की जांच में दीवार तोड़ने वाले शरारती युवा भी चिह्नित किए जाएंगे। फिलहाल, इन्हें अज्ञात दर्शाया गया है। ब्यूरो