झुमका तिराहे से मिनी बाइपास तक सड़क के बीच में आ गई 2.8 हेक्टेयर वन भूमि
बरेली। झुमका तिराहे से मिनी बाइपास तक आठ किमी मार्ग का निर्माण चार माह से बंद है। इस सड़क के दायरे में 2.8 हेक्टेयर वन भूमि आ रही है। इसके निस्तारण के लिए पीडब्ल्यूडी के अभियंता तीन माह से पत्राचार कर रहे हैं। एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह भी दो बार एसडीएम सदर को पत्र लिख चुकी हैं, पर नतीजा शून्य है।
12 सितंबर को पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता ने डीएम को पत्र लिखकर बताया था कि झुमका तिराहे से मिनी बाइपास तक सड़क के सुदृढ़ीकरण के लिए राजकीय हित में 2.8 हेक्टेयर भूमि की जरूरत है। अभियंता ने उक्त जमीन के गैर वानिकी प्रयोग की अनुमति के लिए वन विभाग को ऑनलाइन प्रस्ताव भी भेज रखा है। आरक्षित वन क्षेत्र में होने के कारण 2.8 हेक्टेयर जमीन वन विभाग को हस्तांतरित की जानी है। वर्तमान में मार्ग पर लोक निर्माण विभाग के स्वामित्व वाली भूमि उपलब्ध नहीं है।
इसका संज्ञान लेकर एडीएम प्रशासन पूर्णिमा सिंह ने छह अक्तूबर को एसडीएम सदर को पत्र लिखकर निर्देश दिया था कि उप्र राजस्व (संशोधित) संहिता-2016 व अन्य शासनादेशों के क्रम में संरक्षित वन भूमि के गैर वानिकी प्रयोग के लिए जमीन का चिह्नांकन कराते हुए स्पष्ट संस्तुति के साथ एक सप्ताह में रिपोर्ट दें। एसडीएम सदर ने इस पर कोई अमल नहीं किया। ढाई महीने बाद फिर शनिवार को एडीएम प्रशासन ने एसडीएम सदर को रिमाइंडर भेजा है। इसमें उन्होंने तीन दिन का मौका दिया है। संवाद
सड़क के बीच में वन भूमि पड़ने से काम बाधित है। इस जमीन के लिए वन विभाग से अनुमति मांगी है और उतनी ही गैर वानिकी जमीन वन विभाग को उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन से बात चल रही है। - भगत सिंह, अधिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड, पीडब्ल्यूडी