बरेली। बारिश से पहले नगर निगम ने नाला सफाई में लापरवाही बरतने पर साई कॉन्ट्रैक्टर को चेतावनी जारी की है। नगर निगम के अवर अभियंता वीर प्रताप सिंह पटेल की ओर से ठेकेदार को अलग-अलग क्षेत्रों के कार्यों के लिए आधिकारिक नोटिस थमाए गए हैं, जिसमें अनुबंधित समयावधि के भीतर काम पूरा न करने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
निगम के अधिकारियों के औचक निरीक्षण में नाला सफाई के कार्य असंतोषजनक पाए गए। नगर आयुक्त ने 29 अप्रैल को इन कार्यों को स्वीकृति दी थी। कार्यादेश 5 मई को जारी हुआ था। इसकी एक महीने की समय सीमा अब समाप्त होने वाली है। इसके बावजूद काम की रफ्तार धीमी है। इससे शहर में गंभीर जलभराव का खतरा है। अवर अभियंता वीर प्रताप सिंह पटेल ने 30 मई को निरीक्षण किया था। उन्होंने सभी चिह्नित जगहों पर काम की खराब स्थिति पाई। शासन स्तर पर इस कार्य की लगातार समीक्षा बैठकें हो रही हैं।
नाले की सफाई भी अधर में
जोन तीन और चार में चमेली की बगिया वाली सड़क, प्रेमनगर, जोशी टोला से धोबी चौराहे तक का नाला सफाई कार्य शामिल है। इसके लिए 3,56,749 रुपये का बजट स्वीकृत है। सेटेलाइट से सतीपुर चौराहा होते हुए बीसलपुर चौराहे तक के नाले की सफाई भी अधर में है। इसकी निविदा धनराशि 4,12,437 रुपये है। धोबी चौराहे से लल्ला मार्केट, धर्मकाटा सड़क और सूर्या बैंकट हॉल होते हुए बानखाने तिराहे तक के 89,928 रुपये के कार्य में भी लापरवाही मिली। तीनों नालों के लिए कुल 8,59,114 रुपये खर्च होने हैं। सहायक अभियंता मुकेश शाक्य ने बताया कि ठेकेदार को नालों से सिल्ट व कूड़ा पूरी तरह उठाने के लिए कहा गया है। निगम ने ठेकेदार को दो दिनों के भीतर काम शुरू करने और तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए हैं। यदि काम में तेजी नहीं आई, तो अनुबंध की शर्तों के उल्लंघन पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।