बरेली। जय नारायण सरस्वती विद्या मंदिर में 30 मई से चल रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के संघ शिक्षा वर्ग का समापन रविवार को हो गया। मुख्य वक्ता संघ के सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि संगठन को ऐसे चरित्रवान और संवेदनशील नायकों की आवश्यकता है जो समाज के लिए कार्य कर सकें। डॉ. हेडगेवार ने भी शाखा पद्धति के माध्यम से ऐसे ही नायकों को खड़ा करने का कार्य शुरू किया था।
उन्होंने कहा कि यह वर्ष गुरु तेग बहादुर के 350वें शहीदी वर्ष, बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, वंदे मातरम के 150 वर्ष और संघ की स्थापना के 100 वर्ष पूरे होने का एक गौरवशाली संगम है। विशिष्ट अतिथि अधिवक्ता शिरीष मेहरोत्रा ने कहा कि भविष्य निर्माण के लिए जीवन में लक्ष्य निर्धारण अत्यंत आवश्यक है।
इससे पहले शिक्षार्थियों ने दंड, दंड युद्ध, पदविन्यास, यष्टि, समता और योग का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। वर्ग कार्यवाह संजीव पांडेय ने बताया कि इस 15 दिवसीय प्रशिक्षण वर्ग में ब्रज प्रांत के 29 जिलों से आए 211 शिक्षार्थियों ने भाग लिया। प्रतिदिन दोपहर और रात्रि के भोजन के लिए परिवारों से 3500 रोटियां बनकर आती थीं। वर्ग का दीक्षांत 15 जून की सुबह होगा। विभाग प्रचार प्रमुख धर्मेंद्र सचान, प्रांत संघचालक शशांक भाटिया, प्रांत प्रचारक धर्मेंद्र, सह प्रांत प्रचारक विनोद, क्षेत्र कार्यकारणी सदस्य किशन, नरेंद्र, सुरेश आदि मौजूद रहे।