बरेली। एनसीसी कैडेट्स की चयन प्रक्रिया में धांधली के आरोपों में मीरगंज के आरपी डिग्री कॉलेज के खिलाफ जांच शुरू हो गई है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है, जो सात दिन में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
शुक्रवार को छात्रनेता राहुल गंगवार के साथ आरपी डिग्री कॉलेज के छात्र बरेली कॉलेज स्थित एनसीसी की 21वीं वाहिनी पहुंचे थे। उन्होंने करीब दो महीने पहले कॉलेज में हुई एनसीसी की चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाया था। आरोप था कि सुविधा शुल्क न देने पर योग्य छात्रों का चयन न करके सिफारिशी और रुपये देने वालों का चयन कर लिया गया। वहां कमांडिंग ऑफीसर नहीं मिले तो छात्रों ने धरना प्रदर्शन किया और फिर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. राजेश प्रकाश से मिलने पहुंचे। छात्रों की शिकायत पर शनिवार को डॉ. राजेश प्रकाश ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। इस कमेटी में राजकीय महाविद्यालय बिसौली के प्राचार्य को अध्यक्ष, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय बीसलपुर की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अलका मेहरा, डॉ. दरख्शां अजहर और राजकीय महाविद्यालय फरीदपुर के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रतनलाल को सदस्य बनाया गया है। यह कमेटी सात दिन में जांच पूरी करके अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
पूर्व में हो चुकी जांच में कॉलेज ने की लीपापोती
एनसीसी में चयन के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाली छात्रा ने पूर्व में इस मामले में आरपी डिग्री कॉलेज के प्राचार्य और फिर एसडीएम मीरगंज से भी शिकायत की थी। छात्रा का आरोप है कि एसडीएम के आदेश पर प्राचार्य ने जांच कराई लेकिन कार्रवाई के बजाय मामले को रफा-दफा कर दिया।
12 छात्र-छात्राओं के चयन पर उठाए सवाल
शिकायतकर्ता छात्र-छात्राओं ने एनसीसी में चयनित आरपी डिग्री कॉलेज के 12 छात्र-छात्राओं पर सवाल उठाया है। इनमें कुछ दौड़ में असफल हुए हैं, एक का पैर टूटा हुआ है और कुछ की लंबाई कम होने का आरोप है।
आरपी डिग्री कॉलेज में एनसीसी की चयन प्रक्रिया में छात्र-छात्राओं ने धांधली की शिकायत की है। आरोपों की जांच के लिए चार सदस्यीय जांच कमेटी बना दी गई है। यह कमेटी सात दिन में अपनी रिपोर्ट देगी। - डॉ. राजेश प्रकाश, क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी