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बरेली में शहला के गुर्गे के घर से बरामद हुईं 70 फाइलें

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नवाबगंज। पुलिस ने शहला के गुर्गे अरशद के बरेली स्थित आवास से नवाबगंज नगर पालिका की 70 से ज्यादा फाइलें बरामद की हैं। यह सभी फाइलें वित्तीय लेनदेन से संबंधित है। यह फाइलें शहला के कहने पर ही बरेली से नवाबगंज लाई जाती थी। इसके बाद फिर वापस बरेली पहुंचा दी जाती थीं। पुलिस ने फाइलों को सील कर कोर्ट में पेश करने के लिए सुरक्षित रख दिया है। वहीं आरोपी अरशद को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।
नगर पालिका अध्यक्ष शहला ताहिर के वित्तीय अधिकार सीज होने के बाद सोमवार को पालिका कार्यालय में अवैध रूप से कार्य कर रहे मोहम्मद अरशद को रिपोर्ट दर्ज होने के बाद गिरफ्तार कर लिया गया था। अरशद ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि कुछ फाइलें उसके बरेली स्थित आवास पर हैं। इसके बाद पुलिस उसे लेकर बरेली पहुंची और अलमारी खोलकर देखी तो उसमें से 70 से ज्यादा फाइलें बरामद हुईं। पुलिस इन फाइलों को नवाबगंज थाने ले आई। फिर गिनती कराकर इन्हें एक बोरे में सील कर दिया। पुलिस इन फाइलों को साक्ष्य के तौर पर कोर्ट में पेश करेगी। बाद में पुलिस ने अरशद को कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
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अरशद को आखिरी तक नहीं लगने दी जेल भेजे जाने की भनक
पुलिस अरशद को आखिर तक यही दिलासा देती रही कि यदि वह जांच में सहयोग करेगा तो उसे छोड़ दिया जाएगा। नवाबगंज से जब पुलिस अरशद को बरेली लेकर आई और उसके घर से फाइलें बरामद की तब तक अरशद इसी भ्रम में था कि पुलिस उसे अभिलेख बरामद होने के बाद छोड़ देगी। बाद में पुलिस उसे जीप में बैठाकर कोर्ट लेकर चली तब भी उसे इस बात का पता नहीं लगने दिया।
फाइलों से खुल सकते हैं और कई घोटाले
अरशद के घर से पुलिस ने जो फाइलें बरामद की है वे सभी निर्माण कार्य, वेतन, प्रकाश व्यवस्था, पेंशन, सफाई उपकरण खरीदने आदि वित्तीय लेनदेन से संबंधित हैं। अरशद के मुताबिक यह फाइलें शहला के कहने पर ही पालिका कार्यालय लाई जाती थीं। इसके बाद फिर वापस इन्हें ले जाकर घर में अलमारी में बंद कर दिया जाता था। ईओ या फिर कई बार शिकायत होने पर जांच के दौरान फाइलें मांगी गईं तो इन्हें किसी भी अधिकारी के समक्ष पेश नहीं किया गया। बताते हैं इसी के चलते ईओ और शहला के बीच घमासान मचा रहता था। इसके चलते कोई भी ईओ यहां टिकना नहीं चाहता था। सूत्रों के मुताबिक इन फाइलों की जांच में कई बड़े घोटाले खुलने की उम्मीद है।
इतनी ही फाइलें और मिलने की उम्मीद
सूत्रों के मुताबिक अरशद की पालिका कार्यालय में भी जहां वह बैठता था निजी अलमारी है। इस अलमारी को अब तक खोलकर नहीं देखा गया है। उम्मीद जताई जा रही है इस अलमारी में भी 70 के करीब फाइलें निकल सकती हैं।
अब भी ऊंचे ओहदों पर बैठे कई फर्जी कर्मचारी
सूत्रों की माने तो नगर पालिका में अभी और फर्जी कर्मचारी है, जो पालिका में ऊंचे ओहदों पर बैठकर कामकाज देख रहे हैं। इसके अलावा कई ऐसे हैं जो सफाई कर्मी के पद पर तैनात है, लेकिन पालिकाध्यक्ष के करीबी होने के चलते लिपिक और अन्य पदों पर काबिज हैं।
प्रमुख सचिव के आने के सूचना पर चाक चौबंद हुई सफाई व्यवस्था
पालिकाध्यक्ष पर 47 लाख रुपये के गबन के आरोप की जांच करने के लिए बुधवार को प्रमुख सचिव नवाबगंज पहुंचने की सूचना पर मंगलवार को प्रशासन अलर्ट हो गया। प्रशासन ने नगर के गंगवार कॉलोनी, मुख्यमार्ग, पुराना ब्लॉक और बाईपास मार्ग पर जमकर साफ सफाई कराई। सूत्रों की माने तो प्रमुख सचिव मौके पर जाकर विकास कार्यों की जांच करेंगे।
पालिका कार्यालय की सुरक्षा कड़ी, बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित
मामले की जांच चलने तक प्रशासन ने नगर पालिका में बाहरी व्यक्ति के प्रवेश पर रोक लगा दी हैं। इस दौरान वहीं व्यक्ति नगर पालिका में प्रवेश कर सकेगा जिसे पालिका से संबंधित कोई काम कराना होगा। उनका भी दायरा निश्चित रहेगा, वे उसी स्थान तक जा सकेंगे जो उसके काम से संबंधित होगा।
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वर्जन
बरेली में मोहम्मद अरशद के घर से पुलिस ने अलमारी में रखीं नवाबगंज नगर पालिका की फाइलें बरामद की हैं। बरामद फाइलें सीज कर कोर्ट में पेश कर दी गईं हैं। जांच के बाद आरोपी अरशद को जेल भेज दिया गया है। गौरव सिंह, नवाबगंज
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