बरेली। मुंहपका-खुरपका (एफएमडी) से बचाव का अभियान अभी पूरा भी नहीं हुआ है। दूसरी ओर पशुपालन विभाग ने लंपी स्किन डिजीज की रोकथाम के लिए भी कमर कस ली है। जिले के पांच ब्लॉकों के संवेदनशील गांवों में एहतियातन टीकाकरण शुरू किया गया है।
पशुपालन विभाग के अनुसार, नवाबगंज, मीरगंज, भोजीपुरा, बहेड़ी और शेरगढ़ को संवेदनशील ब्लॉक चुना गया है। इन ब्लॉकों के संवेदनशील गांवों में टीकाकरण कराया जाएगा। दूसरे जिलों की सीमा से सटे गांवों में विभाग पहले ही टीकाकरण करा चुका है। वर्ष 2023 के बाद जिले में लंपी रोग का नया मामला सामने नहीं आया है। इसके बावजूद उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों में संक्रमण की आशंका के मद्देनजर इन गांवों को प्राथमिकता पर रखा गया है। लंपी को लेकर सर्वाधिक संवदेनशील माने जाने वाले बहेड़ी के 14 गांवों में पहले चरण में लंपी रोधी टीकाकरण कर दिया गया है। फोकस ऐसे क्षेत्रों पर है, जहां दूसरे राज्यों से पशुओं की आवाजाही अधिक रहती है या संक्रमण का खतरा अपेक्षाकृत ज्यादा माना जा रहा है। टीकाकरण के लिए वैक्सीन की 34 हजार डोज जिले को भेजी गई हैं।
वर्जन :
शासन की ओर से लंपी रोग से बचाव के लिए गोवंशों को प्रतिरक्षित करने के लिए 34 हजार डोज भेजी गई हैं। गाइडलाइन के अनुपालन में उत्तराखंड के सीमावर्ती क्षेत्रों के 14 संवेदनशील गांव में टीकाकरण कर दिया गया है। अब अन्य ब्लॉकों में टीकाकरण कराने की तैयारी है - डॉ. मनमोहन पांडेय, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी