भारत-चीन सीमा पर तनाव के बीच धमाका होने से शुरू हुईं तरह तरह की चर्चाएं
हाफिजगंज/नवाबगंज। शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे तेज धमाकों की आवाज से नवाबगंज और हाफिजगंज में अफरातफरी मच गई। धमका इतना जोरदार था कि लोगों के खिड़की दरवाजे तक हिल गए। लोग घर के बाहर निकल आए और एक दूसरे से धमाके के बारे में पूछने लगे। हालांकि धमका कहां हुआ इसका पता नहीं चल सका। कुछ लोग आसमान में कुछ फटने की बात कहते नजर आए तो कुछ इसे भारत चीन सीमा पर चल रहे विवाद से जोड़कर देख रहे थे। हाफिजगंज थाना प्रभारी ने धमाका सुना तो स्टाफ को भेजकर जानकारी करने को कहा, लेकिन उन्हें भी कहीं किसी नुकसान की जानकारी नहीं हुई।
हाफिजगंज में शुक्रवार दोपहर करीब ढाई बजे आसमान से अचानक तेज धमाके की आवाज हुई। धमाका सुनकर लोग सुरक्षित स्थानों पर भाग खड़े हुए। कस्बा में सब्जी बेच रहे जीशान ने बताया कि आसमान से तेज धमाके की आवाज हुई, जिससे वह भाग कर अपनी दुकान में घुस गए। आसपास खड़े लोग भी दौड़कर वहां आ गए। कुछ देर के लिए भगदड़ जैसा माहौल बन गया। उन्हें लगा की भारत-चीन सीमा पर तनाव के चलते कहीं बमबारी तो शुरू नहीं हो गई, लेकिन आसमान साफ होने पर राहत की सांस ली। कस्बा के मोहित ने बताया की धमके से उनकी दुकान के शटर बहुत तेजी से हिले थे। उन्होंने छत पर जाकर देखा तो पता चला की कुछ नहीं था। गांव बकैनिया के रहने वाले कामरान ने बताया कि वह नमाज पड़ रहे थे, तभी एक तेज धमाका हुआ, जिसे सुनकर वह सहम गए। बाहर जाकर देखा तो सब कुछ सामान्य था।
उधर नवाबगंज में भी तेज धमके की आवाज सुनी गई, जिस पर वहां भी लोग घरों से बाहर निकले आए। जब कुछ नहीं दिखा तो एक दूसरे को फोन कर पूछने लगे। किसी का कहना था कि ट्रक का टायर फटा तो कोई चीन से चल रही तनातनी से इसे जोड़कर देख रहा था। हालांकि धमाके कहां हुए इसकी जानकारी नहीं मिल पाई। पुलिस ने भी कहीं किसी तरह का नुकसान होने की पुष्टि नहीं की।
तेज धमके की आवाज सुनी थी, जिस पर स्टाफ को जानकारी करने भेजा था। स्टाफ ने बताया कि आसमान में कुछ हुआ था। कहीं से कोई नुकसान होने की जानकारी नहीं मिली। - महेंद्र सिंह, थाना प्रभारी हाफिजगंज
मामला मेरे संज्ञान में नहीं है। मैंने बंदर को भगाने के लिए पटाखे जलवाए थे, लेकिन यह पटाखे दिवाली पर आतिशबाजी वाले थे। - योगेंद्र सिंह, सीओ नवाबगंज