फेथ यानी आस्था, फिटनेस यानी स्वास्थ्य और फास्टिंग मतलब व्रत रखना.. नवरात्र में युवाओं का रुटीन अंग्रेजी वर्णमाला के ‘एफ’ अक्षर के इन तीन शब्दों के इर्दगिर्द घूम रहा है। नवरात्र की प्रतिपदा पर बृहस्पतिवार को मंदिरों में पूजा करने पहुंचे देवी भक्तों में युवाओं की भी तादाद अच्छी खासी थी। कॉलेज और कार्यस्थलों पर भी ऐसे तमाम युवा दिखाई दिए जिनके माथे पर रोली का तिलक लगा हुआ था। स्टाइलिश ही सही बदन पर पहने हुए लाल या गेरुआ रंग के कपड़े भी यही जता रहे थे कि आजकल उन पर भी आस्था का रंग चढ़ा हुआ है।
दुर्गा मां और इस पर्व के प्रति श्रद्धा के सवाल पर रुहेलखंड विश्वविद्यालय से एमएससी कर रहीं अपर्णा कहती हैं कि भागदौड़ वाले रुटीन में वे रोज पूजा नहीं कर पातीं पर नवरात्र के दिनों में उनका रुटीन बदल जाता है। ऐसे ही तमाम ऐसे युवा हैं जो नवरात्र में पूरे नौ व्रत रखते हैं, लेकिन इसके पीछे आस्था के साथ फिटनेस भी एक बड़ा कारण होता है। प्रतिपदा और अष्टमी व्रत रखने वाले युवाओं की तादात अधिक है। बीटेक कर रहे शशिकांत कहते हैं कि नवरात्र में वह किसी तरह की पार्टी नहीं करेंगे। ज्यादातर युवाओं ने नवरात्र में नॉनवेज और चायनीज फूड से दूरी बना ली है, इसके पीछे कारण वे परिवार से मिले सख्त निर्देश के साथ हेल्दी आदत डालने की कोशिश बताते हैं।
मैं साल के दोनों नवरात्र पर पूरे व्रत रखती हूं। यह पूजा के साथ खुद को फिट रखने का अच्छा मौका होता है। मन कंट्रोल करने के लिए मैं इन दिनों बाजार और दोस्तों के साथ कम ही घूमने जाती हूं। - मोनिका, स्टूडेंट, कोहाड़ापीर
नवरात्र के कारण कॉलेज प्रबंधन से कहकर फ्रेशर्स पार्टी की डेट आगे बढ़वा ली है। पर हम एक होटल में डांडिया नाइट आर्गनाइज कर रहे हैं, जिसमें सभी दोस्त मिलकर मस्ती करेंगे।
- प्रांजल, बीडीए कालोनी
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नवरात्र के पहले ही दिन फेसबुक और व्हाट्सऐप पर युवाओं ने अपनी पारंपरिक ड्रेस पहने, माथे पर टीका लगाए और मंदिर में पूजा करते हुए सेल्फी अपलोड कीं। युवा एक-दूसरे को वॉल पेपर भेजकर भी शुभकामनाएं देते रहे।