बरेली। नाथनगरी के प्रमुख सात शिव मंदिरों के परिसरों को धार्मिक पर्यटन के लिए विकसित करने की योजना मूर्तरूप ले सकेगी। शासन ने वित्तीय स्वीकृति के साथ 75 करोड़ की कार्ययोजना को मंजूर कर लिया और 25 करोड़ रुपये इसी वित्तीय वर्ष में देने का निर्णय लिया है।
नाथ कॉरिडोर की सड़कें पहले ही निर्माणाधीन हैं। मंदिरों के परिसर विकसित करने के लिए एक साल से भी ज्यादा समय से बजट की प्रतीक्षा चल रही थी, जो अब खत्म हो गई है। शासन स्तर से कार्ययोजना को वित्तीय स्वीकृति नौ अगस्त को मिल गई। वित्तीय वर्ष 2024-25 में 25 करोड़ रुपये व्यय किए जाने हैं। शेष 50 करोड़ आगे खर्च किए जाएंगे। इस बजट से सत्संग भवन, गाय शेड, भंडार कक्ष आदि का निर्माण कराया जाएगा। ऐसे में मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को भी सभी सुविधाएं मिल पाएंगी।
इन मंदिरों में ये होंगे प्रमुख काम
अलखनाथ मंदिर : यात्री सुविधा केंद्र, सिक्योरिटी गार्ड रूम, घाट, कुंड, लाइब्रेरी, सत्संग भवन, प्रसाद की दुकानें बनाई जाएंगी।
त्रिवटीनाथ मंदिर : मुख्य द्वार, सत्संग भवन, बाउंड्री वॉल।
पशुपतिनाथ मंदिर : स्क्रीन वॉल, मुख्य द्वार।
धोपेश्वरनाथ मंदिर : मुख्य द्वार, यात्री सुविधा केंद्र, सिक्योरिटी रूम, लाइब्रेरी, चाहरदीवारी।
बनखंडीनाथ मंदिर : मुख्य द्वार, चाहरदीवारी, लाइब्रेरी,
तपेश्वरनाथ मंदिर : सत्संग भवन, एक्टिविटी हाॅल, गाय शेड।
मढ़ीनाथ मंदिर : मुख्य द्वार, भंडार कक्ष, सत्संग भवन।
तुलसी मठ में भी होंगे काम
अलखनाथ मंदिर के पास बने ऐतिहासिक तुलसी मठ में भी इस योजना के तहत कार्य कराए जाएंगे। इसके तहत मुख्य द्वार, नाथ नगरी के महत्व को उकेरते हुए दीवारों पर चित्र व परिसर को सजाने और संवारने का काम भी पूरा किया जाएगा।
सीएम की सहमति के एक साल बाद मिली वित्तीय स्वीकृति
जिला व मंडल प्रशासन के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सामने मई 2023 में नाथ नगरी के मंदिरों को विकसित करने की कार्ययोजना पेश की थी। मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक सहमति दी थी। इसके बाद वित्तीय स्वीकृति और बजट जारी होने में एक साल से ज्यादा समय लग गया।
मढ़ीनाथ मंदिर को विकसित करने में है मुश्किल
मढ़ीनाथ मंदिर की प्रबंध समिति और ट्रस्ट के पंजीकरण संबंधी अभिलेख नहीं मिले। पर्यटन विभाग की कार्ययोजना पर अमल के लिए ट्रस्ट या समिति का पंजीकरण जरूरी है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) को नोडल विभाग बनाया गया है। बीडीए के सचिव योगेंद्र कुमार ने मंदिर के महंत से वार्ता कर समिति पंजीकृत कराने और बाधाएं दूर कराने की प्रक्रिया शुरू कराई है।
नाथ कॉरिडोर के अंतर्गत आ रहे मंदिर धार्मिक पर्यटन के लिए विकसित किए जाने की योजना पर जल्द ही अमल शुरू हो जाएगा। यूपीपीसीएल और पर्यटन निगम को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। दोनों संस्थाएं एस्टीमेट तैयार करेंगी। इसके बाद काम शुरू होंगे।
ब्रजपाल सिंह, उप निदेशक पर्यटन विभाग