शेरगढ़। प्रहलादपुर गांव में तोरई की सब्जी खाने के बाद दूध पीने से एक ही परिवार के चार लोग बीमार हो गए। इलाज के दौरान देर रात एक व्यक्ति ने दम तोड़ दिया। अन्य का भोजीपुरा स्थित निजी मेडिकल कॉलेज में उपचार चल रहा है।
प्रहलादपुर निवासी मेवाराम के घर 14 अगस्त की रात तोरई की सब्जी बनी थी। परिजन डिल्लीधर, अनीता, रोशनी, शीतल समेत सभी ने इसे खाया था फिर सोने से पहले दूध पी लिया था। कुछ देर बाद परिवार के सदस्यों के पेट में दर्द उठा और दस्त शुरू हो गए।
निजी चिकित्सक से दवा ली, पर हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन भोजीपुरा स्थित निजी मेडिकल कॉलेज पहुंचे। वहां 35 वर्षीय डिल्लीधर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। डिल्लीधर की पत्नी अनीता, 14 वर्षीय पुत्री शीतल व दूसरी पुत्री रोशनी की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
परिजन तोरई खाने के बाद दूध पीने से हालत बिगड़ने की बात कह रहे हैं। जबकि ग्रामीण भोजन में जहर होने की आशंका जता रहे है। जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आरके गुप्ता के मुताबिक तोरई खाने और दूध पीने से मौत नहीं हो सकती। अगर सब्जी बगैर धोए और सही से न पकी हो और खा लें तो फूड प्वाइजनिंग की आशंका रहती है। सही समय पर इलाज न मिले तो पीड़ित की मौत भी हो सकती है।