बरेली। पूर्व की सरकारों ने बरेली को झुमके से जोड़ा। हमने नाथ कॉरिडोर बनाकर इसके पौराणिक स्वरूप को पुनर्स्थापित किया। अब यह शहर और इसकी तासीर भी बदल चुकी है। स्मार्ट सिटी योजना के तहत हमने बरेली का विकास किया। इससे यहां निवेश की राह खुली। अलग-अलग सेक्टर में उद्योग लग रहे हैं। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहीं। वह सरकार के आठ साल पूरे होने पर मंगलवार को बरेली कॉलेज के मैदान पर जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बरेली के लोगों को स्मार्ट सुविधाएं दिए जाने की जरूरत है। सरकार इस पर काम कर रही है। हमने सड़कें बनवाईं। स्मार्ट टॉयलेट बनवाए। शिक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी। यही वजह है कि अब यहां मेडिकल के अलावा दूसरे सेक्टर के निवेशक भी यहां आने के लिए तैयार हैं। केवल आठ साल में यह संभव हुआ। उन्होंने अलग-अलग योजनाओं के लाभार्थियों को किट और चेक भी बांटे।
सीएम ने कहा कि बरेली स्मार्ट सिटी के रूप में अपनी धमक देश और दुनिया में स्थापित कर रहा है। रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। हर घर नल योजना, रिंग रोड और नए फ्लाईओवर से जोड़कर शहर की कनेक्टिविटी और बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। सीएम ने बीडीए की प्रस्तावित एमएसएमई टाउनशिप के मॉडल को देखा। उन्हें बताया गया कि 113 हेक्टेयर क्षेत्र में यह टाउनशिप विकसित की जाएगी। इसमें 150 से अधिक उद्यमियों को औद्योगिक भूखंड मिल सकेंगे।
इस मौके पर पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, बरेली जनपद के प्रभारी मंत्री जेपीएस राठौर, शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह, भाजपा ब्रज प्रांत के अध्यक्ष दुर्विजय सिंह शाक्य, महापौर डॉ. उमेश गौतम, सांसद छत्रपाल गंगवार, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, बहोरन लाल मौर्य, कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, मीरगंज विधायक डॉ. डीसी वर्मा, फरीदपुर विधायक प्रो. श्याम बिहारी लाल, बिथरी विधायक डॉ. राघवेंद्र शर्मा, नवाबगंज विधायक डॉ. एमपी आर्य, आंवला जिलाध्यक्ष आदेश प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष अधीर सक्सेना, बरेली जिलाध्यक्ष सोमपाल शर्मा आदि माैजूद रहे।
भगवान राम की मूर्ति पर किया माल्यार्पण
बरेली विकास प्राधिकरण ने रामायण वाटिका में लगाई जा रही भगवान राम की 51 फुट ऊंची प्रतिमा की एक छोटी प्रतिकृति आयोजन स्थल पर लगाई गई प्रदर्शनी में रखी। निरीक्षण के दौरान सीएम ने प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर प्रभु राम का आशीर्वाद लिया। बीडीए वीसी मनिकंडन ए से शहर के विकास की योजनाओं की जानकारी भी ली।
बरेली मंडल से पूरी तरह खत्म करना है मलेरिया
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्र संचारी रोगों के प्रति संवेदनशील हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश में इंसेफेलाइटिस, बरेली मंडल में मलेरिया, आगरा में डेंगू, वाराणसी में कालाजार और झांसी में चिकनगुनिया जैसी बीमारियां चुनौती रही हैं। हमने इंसेफेलाइटिस को नियंत्रित कर लिया है। बरेली मंडल में मलेरिया भी लगभग नियंत्रित हो चुका है। इसे जड़ से खत्म करने के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। बरेली, बदायूं और पीलीभीत जैसे जिलों में जलभराव को खत्म करने और लार्वा को नष्ट कराने के उपाय किए जा रहे हैं।
इशारे-इशारे में मांस कारोबारियों को सख्त संदेश दे गए सीएम
मुख्यमंत्री ने मंच से ही गो तस्करों और कसाइयों को जहन्नुम भेजने की बात कहकर मांस कारोबारियों को भी सख्त संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोवंश को बूचड़खानों तक पहुंचाने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। बरेली में करीब दो साल पहले एक बड़े मांस कारोबारी पर कार्रवाई भी हो चुकी है। सपा नेताओं से भी उसके कनेक्शन सामने आए थे। सीएम ने खुले मंच से इसका जिक्र भी किया।
डॉक्टरों का राजनीति में आना सराहनीय
मुख्यमंत्री ने कहा कि बरेली में अलग-अलग क्षेत्रों के लोग राजनीति में आए हैं। यहां फिजिशियन, पशु चिकित्सक, शिक्षक, उद्यमी राजनीति के जरिये लोगों की सेवा कर रहे हैं। यह सराहनीय है। मां दुर्गा को प्रणाम कर सीएम ने 32 मिनट तक अपनी बात रखी। नाथ नगरी और भगवान शिव के स्वरूप का जिक्र करते हुए जय-जय श्रीराम के उद्घोष के साथ अपनी बात समाप्त की।
ऐसा कोई स्कूल नहीं, जहां फर्नीचर न हों
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षा से ही विकास संभव है। इसी के मद्देनजर बच्चों को स्कूल से जोड़ने का अभियान शुरू किया गया है। स्कूल छोड़ चुके बच्चों को भी वापस लाने पर काम हुआ है। वर्ष 2017 से पहले स्कूलों में फर्नीचर, टॉयलेट, पीने का पानी तक नहीं होता था। अब ऐसा कोई स्कूल नहीं, जहां फर्नीचर और दूसरी सुविधाएं न हों। सभी स्कूलों का कायाकल्प हो चुका है।
गोवंश पर खर्च को बढ़ाया
पशुधन विकास मंत्री और आंवला विधायक धर्मपाल सिंह ने कहा कि पिछले दिनों जब सभी लंपी रोग से परेशान थे, हमने वैक्सीन तैयार कर अपनी गायों को इस बीमारी से बचाया। गायों के संरक्षण पर पहले 30 रुपये प्रतिदिन खर्च होता था। अब सरकार ने यह धनराशि बढ़ाकर 50 रुपये कर दी है।
हर जिले में बनाएंगे सीएम कंपोजिट स्कूल
सीएम योगी ने बरेली से पूरे प्रदेश में ''स्कूल चलो अभियान'' की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि कहा कि शिक्षा समाज की आधारशिला है। नया शैक्षिक सत्र शुरू हो रहा है। मैं लोगों से आह्वान करता हूं कि इस अभियान से जुड़ें और सुनिश्चित करें कि कोई भी बच्चा स्कूल जाने से वंचित न रहे। विशेष रूप से बालिकाओं को स्कूल जरूर भेजें। आज ऑपरेशन कायाकल्प के तहत 96 प्रतिशत स्कूलों में टॉयलेट, पेयजल, स्मार्ट क्लास और डिजिटल लाइब्रेरी की व्यवस्था हो चुकी है। पिछले साल 1.91 लाख बच्चों को डीबीटी के जरिये 1200-1200 रुपये उनके अभिभावकों के खाते में यूनिफाॅर्म व जूते के लिए भेजे गए। अब प्रदेश के हर जनपद में सीएम कंपोजिट विद्यालय बनाने का लक्ष्य है। दूसरे चरण में तहसील स्तर, तीसरे चरण में विकास खंड और चौथे चरण में न्याय पंचायत स्तर पर कंपोजिट विद्यालय खोलेंगे। यहां बच्चों को नर्सरी से लेकर 12वीं तक की शिक्षा एक ही कैंपस में मिल सकेगी। शिक्षकों के लिए आवासीय सुविधा भी रहेगी।
एक जिला-एक माफिया से एक जिला-एक मेडिकल काॅलेज तक आए
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 तक प्रदेश में केवल 12 सरकारी मेडिकल कॉलेज थे। बीते आठ साल में 44 नए सरकारी मेडिकल कॉलेज बने हैं। अब प्रदेश में 80 से ज्यादा मेडिकल कॉलेज हैं। इसमें 36 से ज्यादा निजी क्षेत्र के हैं। उत्तर प्रदेश देश में सबसे ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। पहले की सरकार एक जिला-एक माफिया की नीति पर काम करती थी। हमने एक जिला-एक मेडिकल काॅलेज पर काम किया। ब्यूरो