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Bareilly: नार्कोटिक्स टीम ने युवक से लूटे तीन लाख, विरोध पर भेजा जेल, इंस्पेक्टर समेत तीन पर रिपोर्ट दर्ज

Sat, 08 Apr 2023 10:26 AM IST
मुकेश कुमार अमर उजाला ब्यूरो, बरेली

सार

बदायूं की महिला ने नार्कोटिक्स के इंस्पेक्टर, दरोगा और एसटीएफ के हेड कांस्टेबल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। आरोप है कि नार्कोटिक्स टीम ने महिला के पति से तीन लाख रुपये लूटे। विरोध पर उन्हें फर्जी मामले में जेल भेज दिया। 
 
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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नार्कोटिक्स बरेली की टीम और एसटीएफ के हेड कांस्टेबल के खिलाफ कोतवाली में एसएसपी के आदेश पर लूट की रिपोर्ट दर्ज की गई है। बदायूं जिले की महिला ने टीम पर पति को जेल भेजने की धमकी देकर तीन लाख रुपये लूटने और मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट की शरण लेने पर फर्जी मामले में जेल भेजने का आरोप लगाया है।

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बदायूं में बिनावर के गांव नाई निवासी भगवान देवी ने बताया कि उनके पति अजयपाल वर्मा को पिछले साल सितंबर में बरेली नार्कोटिक्स विभाग की ओर से एक नोटिस भेजा था। वह विभाग के कार्यालय पहुंचे तो उनके गांव का छुटभैया नेता प्रभाशंकर वर्मा भी वहां मौजूद था। 

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पति के साथ मारपीट कर उन्हें धमकाया गया और स्मैक तस्करी में फंसाने की धमकी देकर हाथ में पुड़िया पकड़ाकर फोटो खींच लिए। बरेली में तीन लाख दस हजार रुपये मंगाकर उन्हें छोड़ दिया गया। दो लाख रुपये और देने पर उन्हें बख्शने का वादा किया था। मामले में एसटीएफ का एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है।

नार्कोटिक्स के अधिकारी ने घर में घुसकर की मारपीट 

अजयपाल ने घटना की शिकायत अधिकारियों को पत्र भेजकर की थी। इस पर एसटीएफ के इंस्पेक्टर ने अजयपाल को बरेली अपने दफ्तर में बुलाया। अजयपाल बरेली गए थे, तभी नार्कोटिक्स के अधिकारी उनके घर में घुस गए और महिलाओं से मारपीट कर दो लाख रुपये मांगने लगे। एसटीएफ इंस्पेक्टर ने नार्कोटिक्स की टीम को दफ्तर बुलाया तो उन्होंने अजयपाल से रुपये लेना स्वीकार कर लिया।

अजयपाल ने अपने साथ हुई वसूली की घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए कोर्ट में अर्जी दी। इसकी भनक लगते ही नार्कोटिक्स टीम ने तारीख पर जाते समय रास्ते से अजयपाल को उठा लिया। बदायूं के बिनावर क्षेत्र से उठाने के बाद भमोरा के मजनूपुर से गिरफ्तारी और नशीला पदार्थ बरामद दिखाकर उसे जेल भेज दिया। तब से अजयपाल बरेली जेल में बंद है। अजयपाल के परिवारवालों को भी झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है।

भगवान देवी ने नार्कोटिक्स के इंस्पेक्टर दीपक शर्मा को मुख्य आरोपी बनाया है। शिकायत पर दीपक शर्मा, दरोगा विवेक उत्तम, गांव निवासी नेता प्रभाशंकर वर्मा और एसटीएफ के हेडकांस्टेबल जगवीर यादव के खिलाफ कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज की है।

बदायूं के छुटभैये नेता पर साजिश रचने का आरोप

भगवान देवी ने आरोप लगाया कि गांव का प्रभाशंकर आपराधिक छवि का व्यक्ति है और खुद को सत्तापक्ष का नेता बताता है। वह नार्कोटिक्स वालों के साथ मिलकर लोगों को नोटिस दिलाने और फिर वसूली कलाता है। यह कहानी भी उसी की रची हुई थी। 

उनके पति पथरी की दवा देने का काम करते हैं। उन पर कोई मुकदमा नहीं था। सितंबर, 2022 में नार्कोटिक्स टीम ने मजनूपुर गांव से सरताज को हेरोइन के साथ पकड़ा था। तब प्रभाशंकर की साजिश पर सरताज के बयान में पति का नाम भी खुलवा दिया था। तभी से उत्पीड़न और वसूली की जा रही है।
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वीडियो साक्ष्य मिलने के बाद जगवीर का हो गया तबादला

एसटीएफ के हेड कांस्टेबल जगवीर यादव के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की है। जगवीर की तैनाती उस वक्त बरेली में थी। आरोप है कि मारपीट व वसूली में उसका हाथ रहा। उसके कारनामों की वीडियो परिवार के लोगों ने बना लिया। शिकायत पर एसटीएफ नोएडा के अधिकारी ने उसकी भूमिका की जांच की। प्रारंभिक दोष मिलने पर जगवीर को पीटीसी उन्नाव भेज दिया गया।

नार्कोटिक्स अधीक्षक एलआर दिवाकर ने बताया कि इस मामले में हमारी टीम पर आरोप लगे थे। जांच में आरोप निराधार पाए गए। एफआईआर दर्ज होने की जानकारी नहीं है। बरेली के एसएसपी प्रभाकर चौधरी ने कहा कि पीड़िता के प्रार्थना पत्र के आधार पर रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। जांच में जो हकीकत सामने आएगी, उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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