नानक सागर बैराज की सुरक्षा और उसके घट रहे जलस्तर को लेकर उत्तराखंड सरकार गंभीर हो गई है। सिंचाई विभाग के अपर सचिव ने यूपी व उत्तराखंड के सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर बांध के सुरक्षा मानकों पर चर्चा की। अपर सचिव ने बांध में अतिक्रमण की रिपोर्ट भी तलब की है।
अमर उजाला ने 12 मई को नानक सागर डैम में जलस्तर घटने से तीन लाख हेक्टेअर जमीन की सिंचाई प्रभावित होने का मामला उठाया था। इसको देखते हुए देहरादून में यूपी के सिंचाई विभाग के अधिकारियों की उत्तराखंड के अफसरों के साथ संयुक्त बैठक हुई। बैठक में हिस्सा लेकर लौटे सिंचाई विभाग के ईई संजय राज ने बताया कि नानकसागर बांध में अतिक्रमण हो गया है। अतिक्रमणकारी बांध के भीतर खेती कर रहे हैं। इससे बांध का जलस्तर लगातार घट रहा है। बांध की जमीन पर अतिक्रमण के मामले में अपर सचिव ने सुरक्षा और बरसात के दिनों में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए किए गए आपातकालीन प्रबंधन के बारे भी जानकारी मांगी है। उन्होंने बताया कि बांध यूपी सरकार के अधीन होने की वजह से अतिक्रमणकारी हावी हो गए हैं। अतिक्रमणकारियों का खटीमा न्यायालय में मामला भी चल रहा है। अतिक्रमण की रिपोर्ट खुफिया विभाग द्वारा शासन को भेजी गई थी। राज्यपाल डॉ. के के पॉल ने सिंचाई सचिव आनंदवर्धन को बैराज में अतिक्रमण के मामले को लेकर बैठक करने के निर्देश दिए थे। जिस पर गत बुधवार को अपर सचिव किशन नाथ ने अधिकारियों की बैठक ली। बैठक के दौरान विभागाध्यक्ष राजेंद्र चालीस गांवोकर, यूपी के सिंचाई खंड बरेली एई आशीष रंजन व सितारगंज ईई संजय राज आदि मौजूद थे।