Namo-Namo-Heading at nine seats in Bareilly
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
हवाएं तो पहले ही कहने लगी थीं कि सहर भगवा है लेकिन इतनी तेज होगी किसी को अनुमान न था। बदायूं में प्रधानमंत्री मोदी की सभा के बाद तो आंधी ही चल पड़ी। बरेली जिले में 2012 के चुनावों में तीन सीट जीतने वाली भाजपा ने इस बार नौ की नौ सीटों पर कब्जा कर लिया। सपा के चार और बसपा के दो विधायक भी अपनी सीट नहीं बचा सके। इतनी सीटें भाजपा को 1991 में राम लहर में भी बरेली से नहीं मिली थीं। तब भाजपा सात सीटें ही ले पायी थी।
न नोटबंदी का असर हुआ और न ही सपा कांग्रेस का गठबंधन मुस्लिम वोटों का बंटवारा रोक सकी। भारतीय जनता पार्टी ने लोकसभा चुनाव से भी आगे बढ़ते हुए शानदार प्रदर्शन कर होली से ठीक पहले जीत का रंग जमा दिया। सबसे बड़ा श्रेय मोदी मंत्र को जाता है। बदायूं में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मतदान से ठीक पहले काम नहीं कारनामा बोलता है का नारा दिया और यहीं से भाजपा की आंधी बहनी शुरू हुई। सपा मुखिया अखिलेश यादव, बसपा मुखिया मायावती ने सभाएं कर जोर बनाने की कोशिश तो बहुत की लेकिन असर कुछ खास नहीं हुआ। मोदी के असर में भाजपा के पक्ष में वोटों का जबरदस्त ध्रुवीकरण हुआ। बरेली शहर से डा. अरुण कुमार, बरेली कैंट से राजेश अग्रवाल और आंवला से धर्मपाल ने अपना ताज बरकरार रखते हुए फिर विधायकी पाई तो भोजीपुरा से बहोरनलाल मौर्या ने सपा के सबसे मजबूत प्रत्याशी माने जा रहे शहजिल इस्लाम को धराशाई किया। मीरगंज से डीसी वर्मा ने बसपा के सुल्तान बेग से पिछले चुनाव का हिसाब चुकता करते हुए पचास हजार से अधिक वोटों से रिकार्ड जीत दर्ज की। फरीदपुर से लगातार प्रयास कर रहे भाजपा के डा. श्याम बिहारी को लहर का फायदा मिला और उन्होंने सपा के पांच बार के विधायक रहे सियाराम सागर को मात दी है। नवाबगंज में चुनाव से पहले ही भाजपा का दामन थामने वाले केसर सिंह ने सपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे भगवत सरन गंगवार को हराया। पिछले चुनाव में 18 वोटों से हार गए छत्रपाल गंगवार ने बहेड़ी में इसबार अपने झंडे गाड़े। बिथरी चैनपुर में शुरुआती राउंड में तो कांटे की टक्कर दिखी। यहां जैसा आंकलन किया जा रहा था उससे अप्रत्याशित परिणाम रहे। मौजदा विधायक बसपा के वीरेंद्र सिंह तीसरे स्थान पर पहुंच गए जबकि नया चेहरा पप्पू भरतौल जिनकी मतगणना से पहले चर्चा हल्के-फुल्के अंदाज में ही की जा रही थी बहुत भारी साबित हुए। उन्होंने सपा के दिग्गज वीरपाल सिंह यादव को मात देकर इतिहास रच दिया।