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ईदगाह पर नहीं पढ़ी गई नमाज

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बरेली की जामा मस्जिद में तैनात पुलिस। - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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असजद मियां ने खानकाह ए ताजुश्शरिया पर पढ़ाई ईद की नमाज

बरेली। ईदगाह पर इस बार ईद की नमाज नहीं हो सकी। दरगाह आला हजरत पर खानकाह ताजुश्शरिया में असजद मियां ने ईद की नमाज अदा कराई जबकि दरगाह की रजा मस्जिद में आला हजरत खानदान के गिने-चुने लोगों ने नमाज अदा की।
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ईदगाह पर काजी ए हिंदुस्तान मुफ्ती असजद रजा खां कादरी नमाज अदा कराते हैं लेकिन इस बार लॉकडाउन की वजह से ईदगाह पर नमाज ही नहीं हो सकी। लिहाजा काजी ए हिंदुस्तान मुफ्ती अरशद रजा खान ने ईदगाह की जगह इस बार दरगाह आला हजरत की खानकाह ताजुशशरिया पर नमाज पढ़ाई। इस नमाज में खानदान के कुछ लोगों के साथ कुछ मुरीद ही शामिल हुए।
दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद में दरगाह प्रमुख एवं खानदान के बुजुर्ग मौलाना सुब्हान रजा खान सुब्हानी मियां, सज्जीदानशीन मुफ्ती अहसन रजा कादरी, मौलाना मन्नान रजा खां, मौलाना अंजुम रजा खा, मौलाना तौसीफ रजा खा, मौलाना तौकीर रजा खा, मौलाना तस्लीम रजा समेत खानदान के लोगों के साथ कुछ उलमा और मुरीद शामिल हुए।
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ईदगाह करबला कमेटी के डॉ. सैयद सरताज हुसैन अब्बासी ने बताया कि असजद मियां ने भीड़ जमा न होने देने की गरज से ईदगाह पर नमाज के लिए मना कर दिया था। इसके बाद ईदगाह कमेटी के सदर खलील अहमद मेहताब अली सैयद अबीद हुसैन हाजी गुलशन कुरैशी आदि ने ईदगाह पर नमाज न कराने का फैसला लिया।

मेहंदी मियां ने पहली बार पढ़ाई ईद की नमाज

बरेली। खानकाह नियाजिया में इस बार मंजर बदला हुआ था। लॉकडाउन की वजह से यहां इस बार सिर्फ खानदान के लोगों ने ही कुछ मुरीदों के साथ नमाज अदा की।
यह पहला मौका था जब सज्जादानशीन शाह मोहम्मद हसनैन और हसनी मियां की जगह नायब सज्जादा शाह मेहंदी मियां ने नमाज अदा कराई। हसनी मियां तबीयत ठीक न होने की वजह से नमाज नहीं पढ़ा सके। यहां नमाज पढ़ने वालों में खानकाह के प्रबंधक शब्बू मियां नियाजी, असकरी मियां नियाजी, डॉ. कमाल मियां नियाजी,जाहिद मियां नियाजी सहित खानदान के तमाम लोग शामिल रहे।
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