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नकटिया नदी प्रकरण: अवैध कब्जा और नदी का रुख बदलने की प्रशासन ने फिर शुरू कराई जांच

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नकटिया नदी - फोटो : अमर उजाला, बरेली
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इस बार आरआई और लेखपालों की दस सदस्यीय टीम से तीन दिन में मांगी गई रिपोर्ट
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राजस्व टीम की पूर्व में हुई जांच पर सवाल उठा चुके पीड़ित काश्तकार

बरेली। डोहरा रोड पर नकटिया नदी के पुल के पास किसानों की खेतों की खुदाई के बाद नदी का रुख बदलने और नदी में सैकड़ों टन मिट्टी और कूड़ा डालने के मामले की जांच तहसील प्रशासन ने फिर से शुरू करा दी है। इसके लिए दो राजस्व निरीक्षण और आठ लेखपालों को शामिल करते हुए 10 सदस्यीय टीम से पूरे प्रकरण की रिपोर्ट मांगी है।
पीड़ित किसानों ने बाढ़ खंड पर माफिया के इशारे पर उनके खेत की खुदाई कर नदी का रुख बदलने का आरोप लगाया है। पूर्व में इस मामले की जांच में राजस्व टीम ने नदी का प्रवाह को अपनी जगह बताते हुए रिपोर्ट दे दी थी। इस पर काश्तकारों ने सवाल उठाते हुए डीएम को दोबारा जांच के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। राजस्व टीम के क्लीन चिट देने के बाद नदी में कुछ लोगों ने मिट्टी व कूड़ा डाल दिया है।
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डोहरा रोड पर नकटिया नदी पुल के आसपास के कुछ काश्तकारों ने करीब दो महीने पहले तहसील के अधिकारियों से शिकायत की थी कि बाढ़ खंड का कुछ स्टाफ माफिया की मिलीभगत से उनके खेतों की खुदाई कर नदी की धारा मोड़ रहा है। इस शिकायत पर तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने टीम भेजकर जांच कराई। लेखपालों ने चंदपुर बिचपुरी के पीड़ित किसानों के खेतों की पैमाइश के बाद रिपोर्ट दी कि नदी का रुख नहीं बदला गया है। अब किसानों का कहना है कि नदी का प्रवाह नहीं बदला गया तो उनके खेतों का गायब रकबा कहां है? पीड़ित किसान डीएम नितीश कुमार को भी इसकी दरख्वास्त दे चुके हैं। राजस्व विभाग की क्लीन चिट मिलते ही नदी के पास निर्माण शुरू हो गया है। निर्माण स्थल पर खुदाई से निकली सैकड़ों टन मिट्टी नदी में डाल दी गई है। पूर्व में इस नदी की सफाई कराने वाले बाढ़ खंड की टीम मौके पर गई, लेकिन अब कोई कार्रवाई नहीं की गई है। इधर, तहसील प्रशासन ने इस मामले पर दोबारा जांच शुरू करा दी गई है। इस बार तहसीलदार आशुतोष गुप्ता ने राजस्व विभाग की दस सदस्यीय टीम गठित कर तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। इसमें दो राजस्व निरीक्षक राकेश सक्सेना व भूदेव प्रसाद के साथ आठ लेखपाल राजीव सक्सेना, संजीव सिंह, भूषित सक्सेना, अदनान रशीद, आस मोहम्मद, हरीश गंगवार, जयनारायण और ओमप्रकाश को शामिल किया गया है।
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‘इस मामले की जांच के आदेश फिर से दे दिए हैं। इसमें दस सदस्यीय टीम बनाई गई है। टीम को निर्देशित कर दिया गया है कि मौके पर अच्छी तरह तरह से जांच कर किसानों के रिकार्ड भी देखे ही आख्या तैयार की जाए।’
- आशुतोष गुप्ता, तहसीलदार
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