निजी अस्पतालों को फिर दिया जाएगा प्रशिक्षण
डॉ. कपाही के मुताबिक सरकारी अस्पतालों में फिलहाल एक ही सीएचसी का चयन हुआ है। जबकि इसके अलावा 30 निजी अस्पतालों में भी गोल्डन ऑवर के तहत हाईवे पर दुर्घटना के घायलों का इलाज कैशलेस होगा। उनकी सूची जिला प्रशासन को भेज दी गई है। अस्पतालों के स्टाफ का पूर्व में प्रशिक्षण हो चुका है, लेकिन संवेदीकरण के लिए फिर से कार्यशाला होगी ताकि इलाज, भुगतान, रिकॉर्ड में अड़चन न रहे।
जानिए, क्या है शून्य मृत्युदर
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और सेवलाइफ फाउंडेशन की एक पहल है। इसका उद्देश्य सड़क दुर्घटना में होने वाली मौतों पर अंकुश लगाना है। उत्तर प्रदेश के 20 जिलों को शामिल किया गया है। जहां जीवन सुरक्षा रणनीति के तहत पांच बिन्दुओं पर कार्य किया जा रहा है। इसमें इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, आपातकालीन देखभाल, जागरूकता और मूल्यांकन शामिल हैं।