अपनी ही सरकार और अपना ही मंत्री, लेकिन फिर भी बंद पड़ा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट दोबारा चलने में नहीं आ रहा। न मुख्यमंत्री से मदद मिल रही है न मंत्री से। मेयर डॉ. आईएस तोमर ने अब सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी है। इसमें प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड पर प्लांट संचालन के रास्ते में जानबूझकर रोड़े अटकाने का आरोप लगाया है। साथ ही शहर में लगे गंदगी के ढेरों से वायुसेना के विमानों के लिए बढ़ रहे खतरे का भी जिक्र करते हुए प्लांट चलाने के लिए एनओसी दिलाने के लिए पीएम से खुद हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।
प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में मेयर डॉ. तोमर ने कहा है कि त्रिशूल एयर बेस बरेली में है। देश की सुरक्षा के लिहाज से यह हवाई अड्डा महत्वपूर्ण है और यहां से सुखोई समेत कई महत्वपूर्ण लड़ाकू विमान उड़ान भरते हैं जिन्हें पक्षियों से दुघर्टना का खतरा रहता है। इसी के मद्देनजर भारत सरकार ने मार्च 2013 में रजऊ परसपुर में नगर निगम की जमीन पर 13.86 करोड़ की लागत से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगवाया था। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी लेने के बाद प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने इसका उद्घाटन किया था।
मेयर ने कहा है कि एक निजी यूनिवर्सिटी के चांसलर द्वारा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और सुप्रीम कोर्ट में अनर्गल बिंदुओं पर वाद दायर कर प्लांट संचालन में लगातार बाधा उत्पन्न की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट से प्लांट पर स्थगन आदेश भी प्राप्त है लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड बार-बार अनुरोध करने के बाद भी प्लांट चलाने के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं दे रहा है। वह मुख्यमंत्री और नगर विकास मंत्री से इस मामले में व्यक्तिगत तौर पर मिलकर प्लांट चलाए जाने का अनुरोध कर चुके हैं। फिर भी अब तक एनओसी न मिलने से प्लांट बंद पड़ा है। मेयर ने प्रधानमंत्री से कहा है कि पूरे देश में स्वच्छता अभियान के अंतर्गत वह हर शहर में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट लगाने के निर्देश दे चुके हैं। इसे देखते हुए बरेली में एक साल से बंद पड़े प्लांट को चालू कराने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से एनओसी दिलाने में भी हस्तक्षेप करें ताकि जनहित में प्लांट चलाकर शहर के कूड़े का निस्तारण कराया जा सके।