बरसात से पूर्व ठेके पर तलीझाड़ नाले की सफाई महज औपचारिकता साबित हो रही है। नाला सफाई का ठेका बदायूं के ठेकेदार को मिला है। सत्ता पार्टी के एक बड़े नेता का करीबी ठेकेदार अपनी हनक के बल पर आधे सफाई कर्मचारी भी उपलब्ध नहीं करा रहा है। मेयर डॉ. आईएस तोमर खुद इस सफाई से मुतमईन नहीं हैं। एनएसए को लिखे पत्र में ठेके के लेबर न मिलने का मुद्दा उठाया। इसके बाद मुख्य सफाई निरीक्षक विमल शर्मा और चारों सफाई निरीक्षकों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी को भेजी अपनी आख्या में ठेके के सफाई कर्मचारी न मिलने की पुष्टि करते हुए कहा है कि ठेकेदार नाला सफाई के बारे में उनको कोई जानकारी नहीं दे रहा।
बरसात से पूर्व तलीझाड़ नाला सफाई के लिए नगर निगम बोर्ड से 60 लाख का बजट स्वीकृत है। नाला सफाई का ठेका बदायूं के ठेकेदार नईम को मिला है। ठेकेदार एक बड़े सपा नेता का करीबी बताया जाता है। ठेकेदार को नाला सफाई के लिए प्रतिदिन दो सौ सफाई कर्मचारी 250 रुपये प्रतिदिन की दर पर उपलब्ध कराने हैं। नाला सफाई के लिए ठेके से प्रतिदिन 50 सफाई कर्मचारी भी उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ठेकेदार नईम का कहना है कि नाला सफाई का टेंडर तो उनके नाम का निकाला गया है लेकिन नगर स्वास्थ्य अधिकारी लेबर उनसे न लेकर दूसरे ठेकेदार कयूम से ले रहे हैं। कयूम के लेबर केवल कूड़ा उठवा रहे हैं। नाला सफाई से उनका कोई लेना देना नहीं है। वहीं, ठेकेदार कयूम के मुताबिक उनका नाला सफाई का ठेका निर्माण विभाग से है। वह प्रतिदिन 10 लेबर लगाकर बदायूं रोड पर नाला सफाई करा रहे हैं। फर्जी लेबर आपूर्ति के लिए दोनों ठेकेदारों में होड़ मची है।
वर्जन
‘नाला सफाई में ठेके के पूरे लेबर न देने की बात जानकारी में है। सफाई निरीक्षकों से रिपोर्ट मांगी गई है। अभी रिपोर्ट मिली नहीं है। इंस्पेक्टरों की जांच आख्या के बाद ठेकेदार पर कार्रवाई होगी।’-डा. एसपीएस सिंधू, नगर स्वास्थ्य अधिकारी
‘नाले की सफाई बहुत अच्छी तरह से चल रही है। आठ-आठ फुट गहरे नाले जेसीबी से साफ हो रहे हैं। जनता भी नाला सफाई की तारीफ कर रही है।’-शीलधर सिंह यादव, नगर आयुक्त