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नगर निगम में घमासान, कर्मचारी-पार्षद आमने-सामने

Fri, 24 Apr 2015 01:46 AM IST
बरेली
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गढ़ी चौकी पेठा मंडी में अतिक्रमण हटो गई नगर निगम की टीम पर बुधवार को हुए हमले के दूसरे दिन नगर निगम का माहौल गर्मा गया। इस मामले में नामजद पार्षद और पूर्व पार्षद समेत बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर निगम कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को एक दिवसीय हड़ताल की। कर्मचारियों ने पूरे दिन काम नहीं किया, सिर्फ अफसर ही कुर्सी पर बैठे। वहीं सपा से जुड़े पार्षद दल के सदस्य टीम पर हमले के आरोपी पार्षद और पूर्व पार्षद के पक्ष में आ गए। उन्होंने मुकदमे में झूठा फंसाने का आरोप लगाकर पहले सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव से मुलाकात की फिर एसपी सिटी और डीआईजी से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच करने की मांग उठाई। उन्होंने हमले के आरोप को सुनियोजित साजिश बताया है।
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नगर आयुक्त बोले- बिना पुलिस के जाना नहीं चाहिए था
कर्मचारियों ने नगर निगम में कर दी तालाबंदी
मेयर ने कर्मचारियों से कहा कि अबकी मैं भी चलूंगा अतिक्रमण हटवाने
बृहस्पतिवार को सुबह करीब साढ़े 11 बजे नगर निगम में कर्मचारी नेताओं ने सारे विभाग बंद करा दिए। कर्मचारियों को पटल से उठाकर विभागों में ताले डलवा दिए। इस दौरान हुई सभा में नगर निगम कर्मचारी कल्याण समिति के संरक्षक राम सिंह जाटव और महामंत्री जयपाल सिंह पटेल समेत कई कर्मचारी नेताओं ने अतिक्रमण हटाने के दौरान टीम पर हमले की निंदा की। आरोपी पार्षद सूर्य प्रकाश गुप्ता और उनके पूर्व पार्षद भाई चंद्रप्रकाश गुप्ता के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पार्षद की सदस्यता समाप्त करने के लिए शासन को चिट्ठी लिखने की मांग की। नगर आयुक्त शीलधर यादव से मुलाकात के दौरान कर्मचारियों ने अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस फोर्स न मिलने पर नाराजगी जताई। नगर आयुक्त ने कर्मचारियों से कहा कि बिना पुलिस फोर्स के अतिक्रमण हटाने नहीं जाना चाहिए था। यह भी कहा कि अब अभियान तभी चलाया जाएगा, जब पुलिस फोर्स मिलेगा। कर्मचारियों से वार्ता में मेयर डॉ. आईएस तोमर ने कहा कि अब वह खुद भी टीम के साथ अतिक्रमण हटवाने जाएंगे। हालांकि उन्होंने कर्मचारियों से कहा कि वह गांधीवादी ढंग से अतिक्रमण हटवाएं। बोले- जिस रूट पर अभियान चलना है, उस पर पहले सुबह से ही रिक्शे पर बैठकर पहले माइक के जरिए ऐलान करा दें कि दोपहर तक अतिक्रमण नहीं हटाया तो जुर्माना वसूला जाएगा और एफआईआर कराएंगे। इसके बाद दोपहर को अभियान शुरू करके अतिक्रमण पाने पर सरकारी भूमि के दुरुपयोग और सरकारी संपत्ति को हानि पहुंचाने के मुकदमे दर्ज कराए जाएं। वीडियोग्राफी भी कराएं।
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पार्षद बोले- झगड़ा तो भाजपा कार्यकर्ता ने शुरू किया था
डीआईजी से मिले सपा से जुड़े पार्षद दल के सदस्य
निगम टीम पर हमले के नामजद आरोपी पार्षद सूर्यप्रकाश गुप्ता और उनके पूर्व पार्षद भाई चंद्रप्रकाश गुप्ता के साथ नगर निगम में सपा से जुड़े पार्षद दल के सारे सदस्य डीआईजी से मिले। इन्होंने कहा कि इस मामले में झूठी एफआईआर दर्ज कराई गई है। झगड़ा तो मौके पर एक भाजपा कार्यकर्ता ने शुरू किया था लेकिन निगम टीम के प्रभारी अतिक्रमण राम सिंह जाटव ने पार्षद और उनके परिवार के खिलाफ रंजिशन झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। पूर्व पार्षद चंद्रप्रकाश ने डीआईजी से कहा कि दो दिन पहले कचहरी पर निगम की टीम अतिक्रमण हटा रही थी। इस दौरान एक विकलांग फार्म विक्रेता का सामान फेंकने पर उन्होंने प्रभारी अतिक्रमण रामसिंह से आपत्ति जताई तो वह झगड़ा करने लगे। उन्होंने देख लेने की धमकी दी। इसके बाद उन्होंने फर्जी मामला बनाकर बदला लिया है। पार्षद गुप्ता ने कहा कि पेठा मंडी में उनके पिता की दुकान है, उसके सामने उन्होंने त्रिपाल लगा लिया था, जिसे हटाने के नाम पर ही टीम ने बखेड़ा कर उनसे बदसलूकी की। पूर्व पार्षद और पार्षद ने कहा कि झगड़े के समय दोनों मौके पर नहीं थे। उन्होंने इस मामले में एससी-एसटी की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने पर भी आपत्ति जताई। डीआईजी आरकेएस राठौर ने इस मामले की निष्पक्ष जांच एसपी सिटी के निर्देशन में किसी सीओ से कराने का आश्वासन दिया। बाद में पार्षद एसपी सिटी से मिले। उन्होंने सपा जिलाध्यक्ष वीरपाल सिंह यादव से भी मिलकर इस मामले में न्याय की मांग की। मिलने वाले पार्षदों में राजेश अग्रवाल, मोहम्मद असलम, शकील अहमद, अशोक यादव, अब्दुल कयूम, प्रहलाद मेहरोत्रा, राममिलन यादव, गौरव सक्सेना, रेहान, शाकिर, अलीम सुल्तानी, दीपक सक्सेना और रजनीश यादव आदि प्रमुख रहे।
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