नगर निगम के बजट आवंटन में भेदभाव का शिकार रहे वार्डों के लिए ये खबर राहत देने वाली है। अब सड़क और नाली निर्माण के लिए 70 वार्डों को बराबर में बजट मिलेगा। आधे बजट से मेयर और नगर आयुक्त जहां जरूरी समझेंगे, सड़क और नाली निर्माण के काम स्वीकृत कर सकेंगे।
नगर निगम केंद्र और राज्य वित्त, अवस्थापना निधि, नगर निगम निधि से स्वीकृत बजट सड़क और नाला नाली निर्माण पर खर्च करता है। वित्तीय वर्ष 2015-16 में बोर्ड ने अवस्थापना निधि से 31.75 करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए चार करोड़ रुपये और गलियों में सीसी टाइल्स की सड़कें बनवाने के लिए 14 करोड़ को मिलाकर 65 करोड़ से ज्यादा का बजट निर्माण कार्यों के लिए रखा गया है। पुनरीक्षित बजट में इसे घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है। नए बोर्ड के तीन साल के कार्यकाल में वार्डों में बजट आवंटन में भारी भेदभाव होता रहा है। एक दर्जन वार्डों में 40 लाख तक खर्च नहीं हुए जबकि डेढ़ दर्जन वार्डों में दो करोड़ से ज्यादा खर्च हो गए। कार्यकारिणी और बोर्ड की बैठकों में पार्षद बजट आवंटन में अपने वार्डों के साथ भेदभाव को लेकर अक्सर हंगामा भी कर चुके हैं। मेयर डा. आईएस तोमर ने आगामी वित्तीय वर्ष में प्रत्येक वार्ड को टीएफसी से 18-18 लाख और प्रत्येक मलिन बस्ती के लिए सात लाख रुपये आवंटित करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि बाकी मदों में मिलने वाला बजट भी प्रत्येक वार्ड को बराबर-बराबर ही आवंटित किया जाएगा।