नवाबगंज। शहला ताहिर की अगुवाई में नगर पालिका में गड़बड़-घोटालों की फेहरिस्त और लंबी होती जा रही है। अब स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालयों के निर्माण में भी बड़ा घोटाला सामने आया है। 503 शौचालयों के निर्माण के लिए नगर पालिका को करीब 41 लाख 20 हजार रुपये मिले थे जिससे सिर्फ 228 शौचालय बनाए गए। उनमें भी करीब सौ अधूरे पड़े हैं। बाकी शौचालयों की रकम कहां खर्च हो गई, यह कोई नहीं बता पा रहा है। सभासदों की शिकायत पर गुरुवार को शासन की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के अपर निदेशक जांच करने नवाबगंज पहुंचे तो सारा माजरा खुलकर सामने आ गया।
नगर पालिका को स्वच्छ भारत मिशन के तहत 503 शौचालयों का निर्माण कराना था। इसके लिए पालिका के खाते में करीब 41 लाख 20 हजार रुपये आए थे, लेकिन इस रकम से सिर्फ 228 शौचालय बनाए गए, जिनमें 128 वेबसाइट पर अपलोड किए गए। करीब सौ शौचालय अधूरे पड़े हैं लेकिन खाते में पड़ी रकम का पूरा सफाया हो चुका है। आरोप लग रहा है कि यह निजी कामों में खर्च की गई है। गुरुवार को अपर निदेशक स्वच्छ भारत मिशन मृत्युंजय ने एसडीएम कमलेश कुमार सिंह के साथ पालिका कार्यालय में जांच की। इसके बाद जमीनी हकीकत जानने के लिए शौचालयों का भौतिक सत्यापन किया। आधे-अधूरे निर्माण मिले तो वह हैरान रह गए।
शौचालय में बकरी बंधी देखकर चौके
अपर निदेशक वार्ड 6 में साबिरा के घर शौचालय का सत्यापन करने पहुंचे तो उसमें बकरी बंधी देखकर चौंक गए। साबिरा ने बताया कि शौचालय का पूरा पैसा नहीं मिला है जिससे निर्माण अधूरा पड़ा है। इसी वार्ड के लाखन राम ने बताया कि ठेकेदार उनका नाम लिस्ट में होने के बाद भी ईंटें और निर्माण सामग्री भरवा कर ले गया। गंगवार कॉलोनी और पुराना ब्लॉक में भी शौचालय अपूर्ण और खस्ताहाल मिले। उनमें पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं थी। इस बीच सभासदों ने अपर निदेशक को आठ सूत्रीय ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में शौचालयों में घोटाला, पीला ईंट, लाभािर्थियों के खाते में दूसरी किस्त न डालने व 13 लोगों की पालिका में फर्जी तरीके से नियुक्ति करने का आरोप लगाया है ।
शौचालय के निर्माण में भारी अनियमितताएं मिली है। अधिकांश शौचालय अपूर्ण मिले हैं। शौचालयों को बनवाने में लापरवाही सामने आई है, जिसकी रिपोर्ट बनाकर शासन को दी जाएगी। - मृत्युंजय, अपर निदेशक स्वच्छ भारत मिशन