सड़क और नाली निर्माण पर नगर निगम हर साल 25 करोड़ से ज्यादा का बजट खर्च करता है। फिर भी शहर की करीब डेढ़ हजार से ज्यादा गलियां जर्जर, कच्ची या फिर खस्ताहाल हैं। आगामी वित्तीय वर्ष के बजट में सड़क या अन्य मरम्मत के कामों पर दो साल के सापेक्ष तीन गुना से ज्यादा खर्च करने का प्रावधान करने के संकेत मिले हैं। जबकि जनता की मूलभूत जरूरत वाली सीवर, पेयजल, कूड़ा निस्तारण और प्रकाश की मदों में बेहद कम धनराशि प्रस्तावित की गई है। तीन मार्च को होने वाली कार्यकारिणी की बैठक में सदस्य इन मुद्दों को जोर शोर से उठाने की तैयारी में हैं।