बरेली। नगर निगम के ई-सेवा पोर्टल पर हर चौथी शिकायत दम तोड़ रही है। डेढ़ माह में प्राप्त 159 में से चार शिकायतें लंबित हैं। 31 मामलों में तीन दिन में निस्तारण के निर्देश दिए गए हैं। इनमें अधिकांश शिकायतें सीवर लाइन व जलापूर्ति लाइन के लीकेज, ध्वस्त सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइटों की खराबी आदि से संबंधित हैं।
नगर निगम से संबंधित शिकायतों को प्राप्त कर उनका निस्तारण कराने के लिए ई-सेवा पोर्टल शुरू किया गया है। इस पर मिलने वाली शिकायतें संबंधित विभागों को ट्रांसफर की जाती हैं, लेकिन समय से उनका निस्तारण नहीं हो पाता। इससे आमजन को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है।
जनसुनवाई पोर्टल पर भी स्थिति ठीक नहीं
जनसुनवाई पोर्टल पर अधिशासी अभियंता जलकल से संबंधित 13, अपर नगर आयुक्त से संबंधित दो व नगर आयुक्त से संबंधित 70 शिकायतें या तो डिफाल्टर की श्रेणी में पहुंच चुकी हैं या अगले तीन दिनों में डिफाल्टर की श्रेणी में पहुंच जाएंगी। वहीं, नगर निगम के डिस्पैच कार्यालय में भी एक माह में 89 शिकायतें मिलीं जो कि रजिस्टर में अंकित हैं। इनको भी निस्तारण के लिए संबंधित विभागों को भेजे जाने की बात कही गई।
शिकायतों के निस्तारण में हो रही लापरवाही
नगर निगम में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरती जा रही है। नेकपुर गौटिया निवासी राजेंद्र कुमार भारती ने बताया कि नालियां चोक होने से सड़क पर जलभराव होता है। इससे लोगों का घर से निकलना भी मुश्किल हो जाता है। स्कूली बच्चों व अन्य लोगों को गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ता है। कई बार नगर निगम में शिकायत की गई, लेकिन कोई ध्यान ही नहीं दिया जा रहा है। इसी तरह परगना नगर के निवासियों ने 31 दिसंबर को नगर आयुक्त को ज्ञापन देकर बताया था कि छोटी विहार से बड़ी विहार तक नाली नहीं होने से जलभराव होता है। आज तक इसका निस्तारण नहीं हो सका।
वर्जन
शहरवासी नगर निगम से संबंधित किसी भी शिकायत को ई-सेवा पोर्टल पर दर्ज करवा सकते हैं। प्राप्त शिकायतों का समयबद्घ निस्तारण कराया जाएगा। - सुनील कुमार, अपर नगर आयुक्त